सभी कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों के आधार बेस्ड ई-अटेंडेंस अनिवार्य,1 जनवरी से पूर्व पंजीयन पूरा करना जरूरी

अंबिकापुर । कलेक्टर विलास भोसकर की अध्यक्षता में मंगलवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक संपन्न हुई। बैठक में विलास भोसकर ने सभी जिला कार्यालयों में कामकाज की पारदर्शिता और गतिशीलता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण और सख्त निर्देश दिए।
कलेक्टर विलास भोसकर ने सभी विभाग प्रमुखों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि 1 जनवरी से सभी जिला कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली प्राथमिकता से शुरू की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब भविष्य में सभी फाइलें और लेटर ई-ऑफिस के माध्यम से ही संचालित किए जाएं, जो शासन की मंशा के अनुरूप प्रशासनिक कार्यों को पारदर्शी और समयबद्ध बनाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने घोषणा की कि 1 जनवरी से सभी कार्यालयों में शत-प्रतिशत आधार बेस्ड उपस्थिति (ई-अटेंडेंस) लागू की जाएगी। सभी अधिकारी-कर्मचारियों को इस समय-सीमा से पूर्व अनिवार्य रूप से आधार-आधारित पंजीयन पूरा करना होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों का वेतन उपस्थिति के आधार पर ही जारी किया जाएगा, और यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी शासकीय कार्य से दौरे पर जाता है, तो इसकी लिखित जानकारी विभाग प्रमुख को देनी होगी।
बैठक में धान खरीदी की प्रगति की समीक्षा करते हुए विलास भोसकर ने कहा कि उपार्जन केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमों को लगातार फील्ड पर जांच करने और कोचियों-बिचौलियों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी धान के अवैध परिवहन और भंडारण पर सतत निगरानी रखें और सूचना तंत्र को मजबूत करें।
विलास भोसकर ने निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाताओं के सत्यापन की अंतिम तिथि (18 दिसंबर) तक शत-प्रतिशत सत्यापन प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि आमजनों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करें और विभाग से सम्बंधित योजनाओं का लाभ अनिवार्य रूप से आमजनों को मिले। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने एवं शिकायत प्राप्त होने पर संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, जनशिकायत और पीजी पोर्टल से प्राप्त सभी आवेदनों के निराकरण को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, लंबित राजस्व प्रकरणों जैसे सीमांकन, डायवर्सन, अविवादित/विवादित नामांतरण, बंटवारा, खाता विभाजन और भू-अर्जन आदि की समीक्षा करते हुए प्रकरणों को समय-सीमा में गंभीरता के साथ निराकरण किए जाने निर्देशित किया गया।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुनील नायक, राम सिंह ठाकुर, अमृत लाल ध्रुव, नगर निगम कमिश्नर डी एन कश्यप और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





