व्हाट्सएप ‘न्यूड कॉल’ का शिकार: SECL से रिटायर्ड 72 वर्षीय बुजुर्ग से ब्लैकमेल कर 32 लाख ठगे, मेवात गैंग के दो आरोपी गिरफ्तार…

बैकुंठपुर/कोरिया: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर में साइबर ठगी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। डेढ़ साल पहले, एसईसीएल (SECL) से रिटायर्ड 72 वर्षीय एक बुजुर्ग को व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए जाल में फंसाकर अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल किया गया था और उनसे 32 लाख रुपए की बड़ी रकम ठग ली गई थी। लंबी जांच-पड़ताल के बाद अब बैकुंठपुर पुलिस ने इस ‘सेक्सटॉर्शन’ (Sextortion) गिरोह के दो आरोपियों को हरियाणा और राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है।
वीडियो कॉल से शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल
घटना 21 मई 2023 की है। बैकुंठपुर के जूना पारा निवासी एसईसीएल से रिटायर्ड 72 वर्षीय विजेंद्र कुमार यादव के मोबाइल नंबर पर रात करीब 8:00 बजे एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया। बुजुर्ग ने किसी जान-पहचान वाले का समझकर जैसे ही फोन उठाया, मोबाइल स्क्रीन पर एक युवती कपड़े उतारकर नग्न अवस्था में दिखाई दी। यह देख बुजुर्ग ने तुरंत फोन काट दिया।
लेकिन यह वीडियो कॉल एक खतरनाक ब्लैकमेलिंग का हिस्सा था। कुछ ही देर बाद, आरोपियों ने उसी कॉल का स्क्रीनशॉट लेकर 72 वर्षीय विजेंद्र यादव को भेजा और यह अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी।
एसईसीएल से रिटायर्ड बुजुर्ग से ठगे गए 32 लाख
समाज और परिवार में बदनामी और प्रतिष्ठा खराब होने के डर से एसईसीएल से रिटायर्ड 72 वर्षीय बुजुर्ग विजेंद्र यादव ब्लैकमेलिंग के जाल में पूरी तरह फंस गए। आरोपियों ने शुरुआत में 50 हजार रुपए की मांग की और धमकी देते रहे। डर के चलते बुजुर्ग ने अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से उन्हें कुल 32 लाख रुपए दिए। लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर अंततः बुजुर्ग ने बैकुंठपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने धारा 388, 420, 120B और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया था।
पुलिस ने हरियाणा-राजस्थान से दबोचा
पुलिस अधीक्षक (SP) रवि कुमार कुर्रे के निर्देश और साइबर सेल की मदद से पुलिस टीम ने बैंक खातों और मोबाइल लोकेशन की गहन जांच की। जांच के तार साइबर ठगी के गढ़ मेवात (हरियाणा) से जुड़े मिले।
बैकुंठपुर पुलिस ने दो राज्यों में दबिश देकर दो आरोपियों, मकसूद उर्फ मक्कू (28 वर्ष, निवासी मेवात, हरियाणा) और प्रदीप (20 वर्ष, निवासी तातरपुर, हरियाणा) को गिरफ्तार किया। आरोपियों को 15 दिसंबर 2025 को न्यायालय में पेश किया गया।
इस हाई-प्रोफाइल ठगी का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी निरीक्षक विपिन लकड़ा, साइबर प्रभारी निरीक्षक विनोद पासवान, प्रधान आरक्षक दीपक पांडे, साइबर आरक्षक अमरेशा नंद और आरक्षक दिनेश उइके की अहम भूमिका रही।





