छत्तीसगढ़

सहकारी संस्था अधिनियम के तहत पाँच जिला केंद्रीय बैंकों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति

रायपुर। राज्य के सहकारिता क्षेत्र में बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए, आयुक्त, सहकारिता एवं पंजीयक, सहकारी संस्थाएं कार्यालय ने प्रदेश के पाँच प्रमुख जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों (DCCB) में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर नई नियुक्तियाँ कर दी हैं। यह महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 के प्रावधानों और छानबीन समिति (Screening Committee) की अनुशंसाओं पर आधारित हैं। यह नियुक्ति दुर्ग, अंबिकापुर, बिलासपुर, राजनांदगांव और जगदलपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के प्रभावी संचालन और वित्तीय मजबूती के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नियुक्ति आदेश के अनुसार, पदाधिकारियों के नाम इस प्रकार हैं:

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, अंबिकापुर: यहाँ अध्यक्ष पद के लिए रामकिशुन सिंह और उपाध्यक्ष पद के लिए जगदीश साहू को नामांकित किए जाने की अनुशंसा की गई है।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, दुर्ग: बैंक का नेतृत्व अब प्रीतपाल बेलचंदन अध्यक्ष के रूप में करेंगे, जबकि नरेश यदु को उपाध्यक्ष नामित किया गया है।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, जगदलपुर: बस्तर अंचल के इस बैंक में दिनेश कश्यप को अध्यक्ष और श्रीनिवास मिश्रा को उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, बिलासपुर: यहाँ रजनीश सिंह अध्यक्ष और रजनी साहू उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगी।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, राजनांदगांव: इस बैंक में सचिन सिंह बघेल अध्यक्ष और भरत वर्मा उपाध्यक्ष के रूप में नामित किए गए हैं।

नियुक्ति और नामांकन से संबंधित कानूनी प्रावधान

इन उच्च पदों पर नियुक्तियाँ छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत की जाती हैं। अधिनियम के तहत, सरकार या पंजीयक को विशिष्ट परिस्थितियों में सहकारी संस्थाओं के बोर्ड या प्रबंधन समिति में सदस्यों को नामित करने का अधिकार होता है। यह अक्सर उन संस्थाओं में किया जाता है, जहाँ सरकारी अंश पूंजी (Government Share Capital) का निवेश होता है, ताकि संस्था के वित्तीय हितों और सुचारू प्रबंधन को सुनिश्चित किया जा सके। छानबीन समिति ऐसे पदों के लिए उपयुक्त और योग्य व्यक्तियों की पात्रता और पृष्ठभूमि की जाँच करती है, जिसकी अनुशंसाएं पंजीयक के अंतिम निर्णय का आधार बनती हैं। इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य सहकारी बैंकों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण वितरण, कृषि विकास और किसानों की सहायता योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना होता है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष संस्था की नीतियों और प्रशासनिक निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह नवगठित नेतृत्व टीम अब किसानों और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) को बेहतर बैंकिंग और ऋण सुविधाएँ प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

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