आरबीआई की सख्त चेतावनी: ₹1, ₹2, ₹5 और ₹10 के सभी डिज़ाइन के सिक्के वैध; न स्वीकारने वाले व्यापारियों पर होगी कार्रवाई

मुंबई: भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने देश में प्रचलित सिक्कों को लेकर जनता के बीच फैली किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी को दूर करने के लिए एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। आरबीआई ने साफ तौर पर कहा है कि एक ही मूल्यवर्ग के सिक्कों के डिज़ाइन या विशेषताओं में अंतर हो सकता है, लेकिन वे सभी वैध मुद्रा हैं और इन्हें बेझिझक स्वीकार किया जाना चाहिए। बैंक का यह कदम सिक्कों के सुचारू प्रचलन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिसे अक्सर डिज़ाइन की भिन्नता को लेकर फैलाई गई अफ़वाहों से बाधा पहुँचती है।
आरबीआई ने पुष्टि की है कि वर्तमान में प्रचलन में मौजूद 50 पैसे, ₹1, ₹2, ₹5, ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के सभी सिक्के पूरी तरह से कानूनी रूप से वैध (लीगल टेंडर) हैं। ₹10 के सिक्के विशेष रूप से चर्चा का विषय रहे हैं, जिनके अलग-अलग डिज़ाइनों को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति पैदा होती है। आरबीआई ने दोहराया है कि चाहे सिक्कों पर कोई भी विशेष थीम हो या उनके किनारों पर लकीरों की संख्या अलग हो, सभी प्रकार के ₹10 के सिक्के मान्य हैं और उन्हें स्वीकार करना अनिवार्य है।
केंद्रीय बैंक ने जनता, व्यापारियों और बैंक कर्मचारियों से अपील की है कि वे सिक्कों के बारे में किसी भी तरह की निराधार भ्रामक जानकारी या अफ़वाहों पर बिल्कुल भी भरोसा न करें। आरबीआई का स्पष्ट संदेश है कि नागरिकों को ‘जानकार बनना’ चाहिए और ‘सतर्क रहना’ चाहिए। यदि कोई सिक्का आरबीआई द्वारा जारी किया गया है और उसे वापस लेने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, तो उसके डिज़ाइन में भिन्नता होने के बावजूद उसे स्वीकार करना आवश्यक है। यह स्पष्टीकरण उन व्यापारियों या व्यक्तियों के लिए एक चेतावनी है जो डिज़ाइन में अंतर के कारण सिक्कों को लेने से मना कर देते हैं, जिससे आम जनता को अनावश्यक असुविधा होती है।





