अंबिकापुर: केदारपुर निवासी जगदीश विश्वकर्मा से गड़ा धन निकालने के नाम पर 21 तोला सोना और 40 हजार ठगी.. फर्जी ‘बाबा’ गिरफ्तार

अम्बिकापुर (सरगुजा)। अम्बिकापुर के केदारपुर इलाके में पूजा-पाठ के नाम पर ‘गड़ा धन’ (छिपा हुआ खजाना) निकालने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 40,000 नकद और 21 तोला (लगभग 245 ग्राम) शुद्ध सोने के बिस्किट की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान संजय मिश्रा (38 वर्ष) निवासी इटावरी, थाना जावा, जिला रीवा, मध्यप्रदेश के रूप में हुई है, जो पहले से ही बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ थाने के एक ऐसे ही मामले में जेल में बंद था।
यह घटना वर्ष 2019 की है। केदारपुर, सहेली गली निवासी प्रार्थी जगदीश विश्वकर्मा ने अंबिकापुर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि संजय मिश्रा और उसके साथियों ने पूजा-पाठ का ढोंग रचकर उनसे ₹40,000 नगद और 21 तोला शुद्ध सोने का बिस्किट ठग लिया और फरार हो गए।
इस मामले में कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 399/2019, धारा 420, 34 भादंवि के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। हालांकि, आरोपियों का पता नहीं चलने पर 10.08.2021 को मामले में खात्मा (केस बंद) लगा दिया गया था।
हाल ही में, 17 अक्टूबर 2025 को, पुलिस को पता चला कि आरोपी संजय मिश्रा, जो अंबिकापुर की घटना के बाद बलरामपुर-रामानुजगंज के थाना शंकरगढ़ में भी इसी तरह के अपराध (अपराध क्र. 132/2020) को अंजाम देकर फरार चल रहा था, उसे गिरफ्तार कर रामानुजगंज जेल में बंद किया गया है।
अंबिकापुर कोतवाली पुलिस टीम को जब यह जानकारी मिली कि आरोपी शंकरगढ़ के मामले में रामानुजगंज जेल में निरुद्ध है और उसकी संलिप्तता अम्बिकापुर के पुराने मामले में भी पाई गई है, तो वरिष्ठ कार्यालय से अनुमति लेकर मामले की फाइल को फिर से खोला गया।
कोतवाली पुलिस टीम ने माननीय न्यायालय से आरोपी संजय मिश्रा का प्रोडक्शन वारंट जारी कराया। इसके बाद उसे न्यायालय के समक्ष उपस्थित कराकर अंबिकापुर के प्रकरण में विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी संजय मिश्रा ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है। उसने बताया कि ठगी की रकम में से उसे ₹12,000 प्राप्त हुए थे, जो खर्च हो चुके हैं।
आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूरी करने और पहचान परेड (Identification Parade) कराने के बाद उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
इस पूरी कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, उप निरीक्षक सम्पत पोटाई, प्रधान आरक्षक सतीश सिंह, आरक्षक सचिंद्र सिन्हा और आरक्षक देशराम सक्रिय रहे।





