अम्बिकापुर

अम्बिकापुर: प्रधान आरक्षक संतोष कश्यप और वकील पुत्र के बीच सड़क पर विवाद, अखिल भारतीय कश्यप समाज ने वकील पिता-पुत्र पर गाली-गलौज और षड्यंत्र का आरोप लगा निष्पक्ष जाँच की माँग की..

अम्बिकापुर । अंबिकापुर में बीते दिनों हुए एक सड़क विवाद के बाद सर्व ब्राह्मण समाज और अधिवक्ता संघ के दबाव के बाद सरगुजा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के आदेश पर प्रधान आरक्षक (प्र.आर.) संतोष कश्यप के ऊपर एफआईआर दर्ज की गई और उन्हें तत्काल लाइन अटैच कर दिया गया था। इस कार्रवाई के बाद, अखिल भारतीय कश्यप (कहार) समाज ने मोर्चा संभाल लिया है। समाज ने एक ज्ञापन के माध्यम से वर्दीधारी प्रधान आरक्षक (प्र.आर.) संतोष कश्यप के साथ मारपीट और धमकी देने का आरोप वरिष्ठ अधिवक्ता और उनके पुत्र पर लगाया है। समाज के अध्यक्ष अमरनाथ कश्यप के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए एक ज्ञापन में यह कहा गया है कि वकील होने का फायदा उठाकर और राजनीतिक-सामाजिक दबाव डालकर प्रधान आरक्षक के खिलाफ षड्यंत्रपूर्वक एफआईआर दर्ज कराई गई है। समाज ने तत्काल काउंटर एफआईआर दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

घटना 15 नवंबर 2025 की रात करीब 11:00 बजे पटेलपारा मोड़ के पास हुई थी। कश्यप समाज के ज्ञापन के अनुसार, प्रधान आरक्षक संतोष कश्यप वीआईपी ड्यूटी से लौट रहे थे उनके साथ सुन्दर साय और उसका एक दोस्त भी था जिन्हें वे कार में बैठाकर घर छोड़ने जा रहे थे। रास्ते में राहुल तिवारी नामक व्यक्ति ने अपनी स्वीफ्ट कार (क्रमांक CG 15CV 2403) को तेज और लापरवाही से चलाते हुए प्र.आर. की कार के सामने लाकर अचानक ब्रेक लगा दिया। जब संतोष कश्यप ने लाइट डिपर कर इशारा किया और अपनी कार को पीछे किया, तो राहुल तिवारी ने अपनी कार को तेजी से पीछे किया, जिससे उसका पिछला चक्का नाली में धंस गया।
इसके बाद, राहुल तिवारी अपनी कार से उतरे और कथित तौर पर प्रधान आरक्षक को अश्लील गालियां दीं और यह कहते हुए धमकी दी कि “आज तुझे जान से मारकर फेंक दूंगा।” ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्र.आर. संतोष कश्यप के वर्दी पहने होने के बावजूद राहुल तिवारी ने उन्हें गाड़ी से खींचकर बाहर निकाला और मारपीट की। घटना की सूचना पर राहुल तिवारी के पिता वकील राजेश तिवारी, मौके पर पहुँचे। खुद को वकील बताते हुए प्रधान आरक्षक को धमकी दी कि “2 मिनट में तुम्हारी वर्दी उतरवा दूंगा।”
ज्ञापन के अनुसार इस पूरे मामले में जातिवादी टिप्पणी का भी गंभीर आरोप लगा है। जब प्रधान आरक्षक संतोष कश्यप और उनके साथी सुन्दर साय ने अपना नाम बताया, तब राहुल तिवारी ने सुन्दर साय को कथित तौर पर “कुली मजदूरी आदिवासी” कहकर मारपीट की। बीच-बचाव करने पर शासकीय वकील राजेश तिवारी ने भी वर्दी पहने प्रधान आरक्षक संतोष कश्यप को कथित तौर पर दो थप्पड़ मारे। मारपीट के बाद जब प्र.आर. कश्यप अपनी कार में वापस बैठने लगे, तो राहुल तिवारी ने दौड़कर कार की चाबी निकाल ली और तब तक नहीं जाने दिया जब तक उनकी कार नाली से नहीं निकल गई। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि रोड पर जा रहे एक अन्य व्यक्ति, संदीप कश्यप, ने जब बीच में दखल दिया, तो उसके साथ भी गाली-गलौज और मारपीट की गई।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि उसी रात दोनों पक्षों का एम.एल.सी. (मेडिको-लीगल केस) हुआ। अखिल भारतीय कश्यप समाज ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि राजनीतिक और ब्राह्मण समाज का दबाव बनाकर एकतरफा एफआईआर दर्ज करने वाले पुलिसकर्मियों और जातिवादी पुलिसिंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए। समाज ने वकील पिता-पुत्र पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए, प्रधान आरक्षक संतोष कश्यप की शिकायत पर तत्काल काउंटर एफआईआर दर्ज कर, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है।

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