मैनपाट

मैनपाट में प्रकृति का ऋंगार: जमी ओस ने बिछाई ‘सफेद चादर’ ….

महेश यादव मैनपाट (सरगुजा)। छत्तीसगढ़ का हिल स्टेशन मैनपाट, अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, अब तीव्र शीत लहर की चपेट में आ गया है। तापमान में आई गिरावट ने मौसम को सर्द बना दिया है । मौसम विभाग के अनुसार मैनपाट का तापमान 4°C डिग्री तक पहुंच गया ।

जमी ओस बनी ‘बर्फ की चादर’

सर्दी के मौसम का सबसे अद्भुत नज़ारा सुबह के समय देखने को मिल रहा है। खेतों और घास के मैदानों पर पड़ी ओस की बूंदें जम गई हैं, जिससे ज़मीन पर दूर तक बर्फ की पतली चादर जैसी बिछ गई है। सूरज की पहली किरण पड़ने पर ये जमी हुई बूंदें चमकती हैं, जो पर्यटकों के लिए एक अविस्मरणीय दृश्य है।
ठंड का आलम यह है कि स्थानीय निवासियों ने गर्म कपड़े निकाल लिए हैं और अलाव का सहारा लेना शुरू कर दिया है। हल्की कोहरे की चादर भी सुबह के समय दिखने लगी है जो मैनपाट के पहाड़ी वातावरण को और भी खूबसूरत बना रही है।

प्रमुख दर्शनीय स्थलों पर बढ़ा आकर्षण

मैनपाट के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर इस सर्द मौसम का आकर्षण और बढ़ गया है:
उल्टा पानी (विपरीत जल प्रवाह): यहाँ की ठंडी और तेज़ हवाएँ इस अनोखे प्राकृतिक रहस्य को और भी रोमांचक बनाती हैं।

दलदली : ‘हिलती ज़मीन’ का अनुभव अब जमी हुई ओस और धुंध के बीच और भी अनूठा हो गया है, जहाँ पर्यटक इस प्राकृतिक अजूबे को देखने पहुंच रहे हैं।
टाइगर प्वाइंट और मेहता प्वाइंट: इन ऊँचाई वाले स्थानों से घाटी में बिछी सर्द मौसम की धुंध और हरी-भरी प्रकृति का मनमोहक दृश्य दिखाई दे रहा है।

मैनपाट का यह सर्द मौसम स्थानीय छोटे कारोबारियों के लिए वरदान साबित हो रहा है। होटल, लॉज, रेस्टोरेंट, और विशेष रूप से चाय-पकौड़े तथा गर्म व्यंजन बेचने वाले विक्रेताओं को उम्मीद है कि सर्दियों में बड़ी संख्या में पर्यटक इस ठंडी और आकर्षक प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव लेने यहाँ आएंगे, जिससे उनका व्यापार बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
मौसम विभाग ने दिसंबर तक पाला पड़ने की संभावना जताई है, जिससे यह स्पष्ट है कि इस वर्ष मैनपाट में शीतकाल लंबा और तीव्र होगा। किसान इस ठंड को रबी की फसलों के लिए बहुत अच्छा मान रहे हैं, जिससे उनके चेहरे पर खुशी है।

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