धमतरी

स्कूलों में किताब नहीं,राज्योत्सव में जश्न ज़रूरी: सरकारी स्कूल की हकीकत बताने पर शिक्षक निलंबित, शिक्षा मंत्री और कलेक्टर पर उठाए थे सवाल

राज्योत्सव के उल्लास के बीच, छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग की एक कड़वी सच्चाई सामने आई है। धमतरी जिले के कुरूद ब्लॉक, ग्राम नारी में पदस्थ सहायक शिक्षक ढालूराम साहू को स्कूल में किताबों की भारी कमी उजागर करने और व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाने के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने इस कार्रवाई को ‘अनुशासनहीनता’ बताया है।
बच्चों के हाथ खाली, तीन पर एक पुरानी किताब

निलंबित शिक्षक ढालूराम साहू ने अपने व्हाट्सऐप स्टेटस के माध्यम से सरकारी नई प्राथमिक शाला, नारी की दयनीय स्थिति को सार्वजनिक किया था। उन्होंने बताया कि कक्षा चौथी में कुल 21 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन उन्हें हिंदी विषय की एक भी नई पाठ्यपुस्तक अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
स्थिति यह है कि बच्चों को केवल आठ पुरानी किताबों के सहारे पढ़ना पड़ रहा है। यानी, औसतन तीन-तीन बच्चे मिलकर एक ही किताब से ज्ञान अर्जित करने को मजबूर हैं। साहू ने लिखा कि किताबों की कमी के कारण पढ़ाई के दौरान बच्चों में झगड़े तक की नौबत आ जाती है, और कई बच्चे तो बिना किताब के ही घर लौट जाते हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था ठप्प हो गई है

राज्योत्सव के जश्न के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री और कलेक्टर का वेतन रोकने की मांग

शिक्षक ढालूराम साहू ने अपने स्टेटस में राज्योत्सव के भव्य आयोजनों पर भी तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने व्यवस्था पर आक्रोश व्यक्त करते हुए लिखा, “बच्चों की शिक्षा व्यवस्था ठप्प है और हम राज्योत्सव मनाने चले हैं। हमारे जनप्रतिनिधियों को यह सब नहीं दिखता। जहाँ खाने-पीने की सुविधाएँ हों वहीं काम करते हैं।”
उन्होंने आगे लिखा कि इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और “जब तक बच्चों को पूरी पुस्तक नहीं मिलेगी सहायक शिक्षक से लेकर कलेक्टर और शिक्षा मंत्री तक का वेतन रोक देना चाहिए।”
विभाग ने बताया ‘अनुशासनहीनता’, किया तत्काल सस्पेंड
शिक्षक द्वारा कलेक्टर और शिक्षा मंत्री जैसे उच्च पदों पर सवाल उठाए जाने को शिक्षा विभाग ने सेवा नियमों का उल्लंघन माना है। खबर सार्वजनिक होते ही, जिला शिक्षा अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ढालूराम साहू को तत्काल निलंबित कर दिया।

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