आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठनको मंजूरी,जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई होंगी चेयरमैन, आयोग 18 महीने में सौंपेगा रिपोर्ट, 50 लाख कर्मचारियों, और 69 लाख पेंशनभोगियों को सीधा लाभ..

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के कार्य-क्षेत्र, नियम व शर्तों और कार्यकाल को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे देश भर के लगभग 50लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों, जिनमें रक्षा सेवा कर्मी भी शामिल हैं, और 69 लाख पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को बताया कि आयोग की संरचना और कार्य-अवधि को प्रधानमंत्री द्वारा अनुमोदित किया गया है। आयोग की अध्यक्षता उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। इसके अलावा, भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) बेंगलूर के प्रोफेसर पुलक घोष को अंशकालिक सदस्य और पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन को सदस्य-सचिव नियुक्त किया गया है।
यह आयोग, जो एक अस्थायी निकाय के रूप में कार्य करेगा, अपने गठन की तिथि से 18 महीनों के भीतर अपनी सिफ़ारिशें सरकार को सौंपेगा। मंत्री वैष्णव ने स्पष्ट किया कि आयोग अपनी सिफ़ारिशों को अंतिम रूप देने से पहले किसी भी मामले पर अंतरिम रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने पर विचार कर सकता है।
आयोग की सिफ़ारिशें 1 जनवरी, 2026 से लागू होने की संभावना है। वैष्णव ने कहा कि विशिष्ट तिथि अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद ही तय की जाएगी। हालांकि, कर्मचारियों के लिए राहत की बात यह है कि केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि नए वेतन और पेंशन लाभ 1 जनवरी, 2026 से पूर्वव्यापी रूप से लागू किए जाएंगे। इसका सीधा अर्थ यह है कि यदि आयोग की सिफ़ारिशों के कार्यान्वयन में 2028 तक भी समय लगता है, तो कर्मचारियों को 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी नए वेतन के अनुसार बकाया (Arrears) का भुगतान किया जाएगा।
आठवां वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन संरचना की समीक्षा करेगा और बढ़ती महंगाई के अनुरूप वेतन ढांचे में संशोधन की सिफ़ारिश करेगा। केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में ही आयोग के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद से ही कर्मचारी संगठन इसके जल्द गठन की मांग कर रहे थे। गौरतलब है कि सातवें वेतन आयोग की सिफ़ारिशें जनवरी, 2015 से लागू हुई थीं।





