जर्जर स्कूल भवन की छत गिरी, दो छात्राएं घायल, शिक्षा विभाग की लापरवाही उजागर

आज शुक्रवार को पढ़ाई के दौरान स्कूल भवन की छत का प्लास्टर गिरने से दो छात्राएं बुरी तरह से जख्मी हो गईं। इस हादसे ने शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों के रख-रखाव और मरम्मत के दावों की पोल खोल दी है।
यह दुर्घटना शुक्रवार को हुई, जब मुंगेली विकासखंड के बरदुली गांव में स्थित प्राथमिक शाला में एक भयावह घटना सामने आई है। तीसरी कक्षा की छात्राएं पढ़ रही थीं। अचानक छत से प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। इसकी चपेट में आने से 9 वर्षीय हिमांशुका दिवाकर के सिर में गहरी चोट आई, जिसके लिए उसे तीन टांके लगाने पड़े। वहीं, 10 वर्षीय अंशिका दिवाकर के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद दोनों घायल छात्राओं को तत्काल स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों ने हिमांशुका को बेहतर जांच के लिए जिला अस्पताल में सीटी स्कैन कराने की सलाह दी थी, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (बीईओ) ने छात्राओं को घर वापस भेज दिया।
बच्चों के अभिभावकों ने प्रशासन के इस रवैये पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) चंद्र कुमार घृतलहरे ने इस गंभीर मामले में फोन उठाना भी उचित नहीं समझा। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल भवन की स्थिति बेहद खस्ताहाल है और इसे पूरी तरह से तोड़कर एक नया भवन बनाने की आवश्यकता है। इस हादसे ने न केवल स्कूल की जर्जर हालत को उजागर किया है, बल्कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की असंवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।



