फर्जी वन अधिकार पट्टे देने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार 29 एकड़ वन भूमि के फर्जी पट्टे बरामद

बलरामपुर। जिले में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है जो भोले-भाले ग्रामीणों को फर्जी वन अधिकार पट्टे और पुस्तिकाएं बनाकर ठगता था। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनका एक साथी पहले से ही उड़ीसा जेल में बंद है।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
यह मामला तब सामने आया जब 29 जुलाई, 2025 को ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी कि कुछ लोग ग्राम अमरावतीपुर और मुरका में फर्जी वन अधिकार पट्टे बांट रहे हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग और बलरामपुर पुलिस की टीम ने मिलकर जांच शुरू की। जांच में सूचना सही पाई गई और गिरोह के तीन सदस्य अविनाश दुबे, विपिन कुजूर और सुरेंद्र आयाम को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने एक अन्य साथी कुंदर कुमार रजक के साथ मिलकर यह फर्जीवाड़ा करते थे। कुंदर कुमार रजक फिलहाल एनडीपीएस के एक मामले में उड़ीसा की जेल में बंद है।
लाखों का फर्जीवाड़ा
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से ग्रामीणों को देने के लिए तैयार किए गए 11.60 हेक्टेयर (लगभग 29 एकड़) जमीन के फर्जी पट्टे, तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इस गिरोह ने कई ग्रामीणों को करोड़ों की जमीन का फर्जी पट्टा बनाकर दिया है।
वनपाल अनिल कुजूर की शिकायत पर थाना चलगली में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 61/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 336(3), 338, और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।





