छत्तीसगढ़

1 अगस्त से नई भर्तियों में NPS या UPS का विकल्प, पुरानी पेंशन योजना समाप्त, छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित

हिन्द शिखर समाचार: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में पेंशन प्रणाली को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। 17 जुलाई 2025 को जारी छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण), क्रमांक 543 के अनुसार, राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि 1 अगस्त 2025 से राज्य शासन की सेवा में सीधी भर्ती के विज्ञापित पदों पर चयनित शासकीय सेवकों के लिए केवल नवीन पेंशन योजना (NPS) अथवा एकीकृत पेंशन योजना (UPS) में शामिल होने का विकल्प उपलब्ध होगा। यह अधिसूचना वित्त विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से जारी की गई है और मुकेश कुमार बंसल, सचिव छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार प्रकाशित की गई है।

एकीकृत पेंशन योजना (UPS) का अंगीकरण

राजपत्र के बिंदु 2 के अनुसार, राज्य शासन ने वित्त मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना संख्या FX-1/3/2024-PR दिनाँक 24 जनवरी 2025 के माध्यम से लागू की गई एकीकृत पेंशन योजना (UPS) को दिनांक 01-08-2025 से विकल्प के रूप में अंगीकृत किया है। इसका सीधा अर्थ है कि छत्तीसगढ़ में अब सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना का विकल्प पूरी तरह से समाप्त हो गया है।

UPS क्या है और इसके मुख्य बिंदु

UPS उन सरकारी कर्मचारियों के लिए है जो पहले से ही NPS के तहत पंजीकृत हैं। इस योजना के तहत, सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को एक निश्चित पेंशन मिलेगी, जो कर्मचारी के रिटायरमेंट से पहले के आखिरी 12 महीनों की औसत मूल सैलरी का 50% होगी। इस पेंशन का लाभ लेने के लिए कर्मचारी को कम से कम 25 साल तक सेवा करना अनिवार्य होगा।

पारिवारिक लाभ: यदि किसी कर्मचारी की सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो परिवार को भी एक निश्चित पेंशन मिलती रहेगी, जो कर्मचारी को मिलने वाली पेंशन का 60% होगी।

न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन: UPS में न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन का भी प्रावधान है, जिसका मतलब है कि यदि कोई कर्मचारी 10 साल तक नौकरी करता है, तो उसे कम से कम 10,000 रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी।

सरकारी योगदान में वृद्धि: न्यू पेंशन स्कीम (NPS) में कर्मचारी का योगदान 10% और सरकार का 14% होता है, जबकि UPS में सरकार का योगदान कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 18.5% होगा।
लेखा संधारण और प्रक्रिया

राजपत्र के बिंदु 3 के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत नियुक्त समस्त शासकीय सेवकों के लेखा संधारण एवं पेंशन से संबंधित समस्त कार्यवाही संचालनालय, पेंशन एवं भविष्य निधि के नियंत्रण में होंगे। बिंदु 4 में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस योजना के अंतर्गत लेखा संधारण, विनियमन एवं प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश पृथक से जारी किये जाएंगे।

इस ऐतिहासिक निर्णय से नई भर्ती में होने वाले कर्मचारियों को अब अपनी पेंशन योजना के लिए NPS और UPS में से किसी एक का चुनाव करना होगा।

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