अम्बिकापुर

अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस के परिपेक्ष्य में महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना कार्यालय अम्बिकापुर शहर के द्वारा कार्यक्रम का आयोजन

अम्बिकापुर । अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस के परिपेक्ष्य में महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना कार्यालय अम्बिकापुर शहर के द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन दर्रीपारा एवं मोमिनपुरा सेक्टर के संयुक्त तत्वावधान में दर्रीपारा आंगनबाड़ी केन्द्र जेल तलाब के पास किया गया। इस कार्यक्रम में काफी संख्या में किशोरी बालिकायें, स्कूली छात्रायें, वार्ड की महिलायें सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन, गुड टच, बैड टच, पोषण एवं स्वास्थ्य पर विभिन्न जानकारी दी गई तथा मानव श्रृंखला का निर्माण कर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं के नारे के साथ उत्सव के रूप में कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सरगुजा साइंस ग्रुप के अंचल ओझा ने माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर चर्चा करते हुए माहवारी के दौरान स्वच्छता की आवश्यकता, कपड़े के पैड एवं सैनेटरी पैड के उपयोग के समय व साफ-सफाई को लेकर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान कपड़े के पैड का उपयोग करने के बाद उसे सही तरीके से गर्म पानी में धोना, धूप में सुखाना तथा हर चार-छः घंटे में पैड को बदलने सहित सैनेटरी पैड को भी अधिकतम 6 घंटे में बदलने की जरूरत क्यों है इसे लेकर बात की। अंचल ओझा ने उस दौरान महिलाओं को होने वाली विभिन्न परेशानियों को लेकर विस्तार से चर्चा की जिसे महिलायें और लड़कियां नज़रअंदाज कर देती हैं और किसी ने किसी संक्रमण से ग्रसित हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ा भी दिक्कत हो तो उसे नजरअंदाज न कर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। स्वयं से कोई दवा न करें।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए यूनीसेफ की सरगुजा समन्वयक ममता चौहान ने गुड टच एवं बैड टच की जानकारी विस्तार से दी तथा लड़कियों को लेकर सरकार द्वारा चलायी जा रही कई योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने महिलायें और लड़कियों के सफलता की कई कहानी सुनाते हुए उन्हें बेहतर कार्य के लिये प्रोत्साहित किया तथा कहा की हम महिलायें व लड़कियां ठान लें तो कुछ भी असंभव नहीं है।

महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक मधुमति सिंह ने महिलाओं एवं लड़कियों में जरूरी पोषण की आवश्यकता की जानकारी दी तथा हमारे घरों और आसपास उपस्थित कई तहर के साग, भाजी एवं सब्जियों को लेकर जानकारी देते हुए एनिमिया, कुपोषण जैसे समस्याओं का हल हम केवल अपने खानपान में बदलाव लाकर कैसे कर सकते हैं इसकी जानकारी दी।

कार्यक्रम का संचालन पर्यवेक्षक राजलक्ष्मी पाण्डेय ने की किया। उन्होंने स्वलिखित महिलाओं एवं लड़कियों पर आधारित अपनी कविता सरगम सुरीली छेड़ती हैं तान बेटियां सुनाकर सबको भावविभोर कर दिया। इस दौरान किशोरी बालिकाओं और स्कूली छात्राओं ने कई नृत्य एवं गरबा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के समापन के दौरान सभी को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के तहत स्वच्छता को प्रोत्साहित करने सैनेटरी पैड का वितरण किया गया तथा मानव श्रृंखला का निर्माण किया गया। कार्यक्रम में सरगुजा साइंस ग्रुप की शिल्पी गुप्ता, पूजा पाण्डेय सहित महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यकर्ता व सहायिका उपलथित रहीं।

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