संदीप लकड़ा के परिजन अंतिम संस्कार के लिये हुए तैयार , 25 लाख रुपए मुआवजा एवं मृतिका की पत्नी को कलेक्टर दर पर नौकरी

अंबिकापुर । सरगुजा जिले मे सीतापुर के बहुचर्चित संदीप लकड़ा हत्याकांड का लंबे समय से चले आ रहे हैं विवाद का पट्टाक्षेप हो गया है छत्तीसगढ़ शासन और मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सरगुजा जिले के तीनों विधायक सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ,लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज एवं अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल के साथ मृतक संदीप लकड़ा की पत्नी सलीमा, अन्य परिजनों एवं सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात की लंबी चली बातचीत के बाद संदीप के परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए. इस प्रकार शव बरामद होने के करीब 16 दिन के बाद मृतक संदीप लकड़ा का अंतिम संस्कार किया जाएगा .
सलीमा को नौकरी और 25 लाख मुआवजा
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने संदीप लकड़ा की पत्नी सलीमा को कलेक्टर दर्पण नौकरी का नियुक्ति पत्र सोपा है साथ ही 25 लख रुपए की मुआवजा राशि देने की घोषणा भी की गई है.
मुख्यमंत्री स्तर से दस लाख, प्रभारी मंत्री की ओर से पांच लाख और आठ लाख 75 हजार की राशि जिला प्रशासन और 1 लाख 25 हजार की राशि स्वास्थ्य मंत्री की ओर से दिया जाएगा. कुल 25 लाख की राशि सलीमा को मिलेगी. इसके साथ ही दोनों बच्चों को 12वीं तक पढ़ाई निशुल्क कराई जाएगी.
ज्ञात हो कि सरगुजा संभाग के अलग-अलग जिलों में सर्व आदिवासी समाज के द्वारा संदीप लकड़ा हत्याकांड मामले के मुख्य आरोपी अभिषेक पांडे की गिरफ्तारी की मांग को लेकर रैली धरना सहित अन्य तरीके से प्रदर्शन किया जा रहा था ।बता दें कि सीतापुर थाना क्षेत्र के बेलजोरा गांव में रहने वाले मृतक आदिवासी युवक संदीप लकड़ा तीन महीना से लापता था. परिजनों ने हत्या करने की आशंका जताते हुए थाने में शिकायत दर्ज की थी. आदिवासी समाज के विरोध प्रदर्शन के बाद मामला दर्ज किया गया था. लगभग तीन महीने बाद संदीप लकड़ा के शव को मैनपाट के ग्राम लुरैना में पानी टंकी के नीचे बरामद किया गया था. इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. हाल ही में आदिवासी समाज के आंदोलन को बढ़ता देख आईजी सरगुजा ने सीतापुर थाने के थाना प्रभारी और आरक्षक को निलंबित किया था।




