टीचर लर्निंग सेंटर (टीएलसी) से शिक्षक बनेंगे दक्ष

अंबिकापुर- अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा अंबिकापुर विकासखंड के शिक्षकों के लिए टीचर लर्निंग सेंटर (टीएलसी) का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षा विभाग सरगुजा संभाग के शिक्षा विभाग के सहायक संचालक(संयुक्त संभागीय कार्यालय-शिक्षा) एस डी पांडे, जिला मिशन समन्वयक (DMC) रविशंकर तिवारी, APC करुनेश, डाईट फैकल्टी यू एस मिश्रा, के सी गुप्ता, लक्ष्मण सिंह चौहान, ओमकारनाथ तिवारी, पुष्पा सिंह, पूनम सिंह, विकासखंड शिक्षा अधिकारी गोपाल कृष्ण दुबे, विकासखंड स्रोत समन्वयक संजीव कुमार भारती, सहित संकुल समन्वयकों ने शामिल होकर टीएलसी में होने वाले गतिविधियों को सराहा ।

इस कार्यक्रम में अम्बिकापुर विकासखंड के विभिन्न संकुलों से शिक्षकों ने प्रतिभाग किया और टीएलसी में उपलब्ध सामग्रियों जैसे लाइब्रेरी में दो हज़ार से अधिक शैक्षणिक पुस्तकें, गणित के मज़ेदार TLM जो बच्चों को कठिन से कठिन पाठ को सरल बनायेगा, भाषा (हिंदी, अंग्रेजी), सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, आदि विषय के काउंटर में उपलब्ध विभिन्न प्रकार की सामग्री सह टीचिंग लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) आदि वस्तुओ को शिक्षकों ने अवलोकन किया। कार्यक्रम का संचालन संकुल समन्वयक निरंजन विश्वास द्वारा किया गया.
फाउंडेशन के सदस्य राजेश नायक ने अधिकारियों एवं शिक्षकों का स्वागत किया तथा अपने सम्बोधन में बताया कि अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन विगत 22 वर्षों से देश के विभिन्न राज्यों में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए निरंतर धरातल स्तर पर प्रयास कर रही है। संस्था वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य के 8 जिलों में कार्यरत है। सरगुजा जिले में पिछले साल से फाउंडेशन ने शिक्षक साथियों के साथ मिलकर कार्य करना प्रारम्भ किया है। इसी क्रम में सभी शिक्षकों के सहयोग के लिए विकासखंड अम्बिकापुर में टीचर लर्निंग सेंटर (टीएलसी) की स्थापना की गई है। टीएलसी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शिक्षकों द्वारा अनुभवात्मक अभ्यास साझा करने का एक मंच है।
जिला मिशन समन्वयक रविशंकर तिवारी ने बताया कि शिक्षकों के पेशेवर क्षमतावर्धन हेतु यह मंच एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। टीएलसी शिक्षकों के लिये सहभागी बनते हुए समावेशी शिक्षा के साथ समग्र विकास को गति प्रदान करेगा, साथ ही साथ शिक्षक अपने अनुभवों की शृंखला को एक-दूसरे से जोड़ते हुये, इसे और विस्तार देंगे। साथ मिलकर आपस में कुछ पढ़ते हुये और अपना अनुभव साझा करते हुये अपने शिक्षक साथियों के पेशेवर क्षमतावर्धन में यह टीएलसी निश्चित ही सहयोगी होगा। इन सभी सामग्रियों का उपयोग शिक्षक निःशुल्क कर पायेंगे और अपने विद्यालय व कक्षा में पठन-पाठन को रुचिकर बनाने और बच्चों की शैक्षिक वृद्धि में सहायक सिद्ध होगा।
सहायक संचालक एस डी पांडे ने शिक्षकों को सम्बोधित तथा प्रोत्साहित करते हुये कहा कि अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन का यह टीएलसी एक अनोखा प्रयास है, जो काफी सराहनीय है, सरकारी स्कूलों के बच्चों को दक्ष बनाने के लिए लिये अथक प्रयास में सभी शिक्षक कदम से कदम मिला कर चलें और इस टीएलसी का सदुपयोग करते हुए सक्रिय रूप से प्रतिभाग करें और विभिन्न टी.एल.एम अपने शाला के लिए निर्माण कर इसका उपयोग करें। डाइट फैकल्टी पुष्पा सिंह ने टीएलएम को देख भूरी-भूरी प्रशंसा की और कहा कि टीएलसी के लिए कुछ टीएलएम भी भेंट देंगी। यू एस मिश्रा ने शिक्षकों को संबोधित करते हुये कहा कि बच्चों के अधिगम मे अवरोधों को देखें, जानें और टीएलएम का उपयोग करें। के.सी गुप्ता ने सभी शिक्षकों को टीएलसी मे आकर पढ़ने को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के सदस्य राजेश, सुजीत, आलोक, सौरभ, चंद्रभान एवं इरशाद मौजूद रहे और शिक्षक जिसमें मुख्य रूप से निरंजन विश्वास, अद्रियन कुजूर, आभा सिंह, रेखा रॉय, प्रमिला, सूरजकांति, गायत्री, प्रशिका एवं मधु आदि ने शाला, बच्चों के सीखने के व्यवहार व अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के साथ मिलकर किये गए कार्यों के बारे में अपना अनुभव साझा किया।




