कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को 2 वर्ष की सजा, मानहानि केस में कोर्ट ने सुनाया फैसला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरनेम को लेकर टिप्पणी करने के मामले में सूरत डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दोषी करार दे दिया है. सूरत कोर्ट ने राहुल गांधी को 2 साल की सजा सुनाई है. राहुल की जमानत याचिका पर भी अभी सुनवाई हो रही है.
ये मामला 2019 का है जब वायनाड से लोक सभा सदस्य राहुल गांधी ने आम चुनाव से पहले कर्नाटक के कोलार में आयोजित जनसभा में पीएम मोदी के सरनेम को लेकर टिप्प्णी की थी. जिसके बाद उन पर मानहानि कर मामला दर्ज हुआ था. राहुल ने कथित तौर पर कहा था कि, ‘क्यों सभी चोरों का समान उपनाम मोदी ही होता है?’ राहुल की इस टिप्पणी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पुरनेश मोदी ने याचिका दायर कराई थी.
इन धाराओं में दर्ज है मामला
बताते चलें कि राहुल गांधी के खिलाफ IPC की धारा 499, 500 के तहत अपराध दर्ज किया गया था. इस मामले में वे आज तीसरी बार कोर्ट में पेश हुए हैं. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एचएच वर्मा की अदालत ने पिछले सप्ताह दोनों पक्षों की दलीलों की अंतिम सुनवाई की थी और फैसला सुनाने के लिए 23 मार्च की तारीख तय की थी. आज सुनवाई के बाद कोर्ट ने राहुल गांधी को दोषी करार दे दिया है.
सजा का ऐलान होने के बाद राहुल गांधी को जमानत पर रिहा कर दिया गया। फिलहाल कोर्ट ने 30 दिन के लिए सजा पर रोक लगाई है। सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी इस मामले को लेकर ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकते हैं।





