सरस्वती पूजा की तैयारी: सरस्वती पूजा के लिए मूर्तियां बनाने में जुटे मूर्तिकार

नंदू यादव। सरस्वती पूजा के लिए मूर्तियां बनाने में जुटे मूर्तिका सरस्वती पूजा यानी कि बसंत पंचमी का त्यौहार नजदीक आ चुका है. इस वर्ष 2023 में 26 जनवरी को सरस्वती पूजा का त्यौहार मनाया जाएगा इसके लिए रामानुजगंज क्षेत्र के स्थानीय मूर्तिकार मां सरस्वती की प्रतिमाएं बनाने में जुट गए हैं. शिक्षण संस्थानों के साथ–साथ कई घरों में सरस्वती पूजा मनाया जाता है जिसके लिए तैयारियां अभी से ही शुरू हो चुकी है.

मूर्तिकार रंजीत मंडल सरस्वती पूजा के लिए इस वर्ष छोटी बड़ी सहित कुल 32 मूर्तियां बना रहे हैं सभी बड़ी मूर्तियों की बुकिंग हो चुकी है. सभी मूर्तियों की ऊंचाई 3 फीट से लेकर 6 फीट तक रखी गई है. मूर्तियों को आकर्षक रूप देने के लिए रंगरोगन शुरू हो गया है.
छोटी मूर्तियों की कीमत 1 हजार रुपए से शुरू है तो वहीं बड़ी मूर्तियों की कीमत साढ़े तीन हजार रुपए तक रखी गई है मूर्तियां बनाने के लिए विशेष तौर पर गंगा मिट्टी कलकत्ता से मंगाई जाती है साथ ही मूर्तियों की सजावट के लिए सामान भी बाहर से मंगवाया जाता है इससे मूर्ति की लागत बढ़ जाती है और मूर्तिकारों को थोड़ा बहुत ही मुनाफा हो पाता है.
रामानुजगंज के ग्राम कंचननगर में रहने वाले मूर्तिकार रंजीत मंडल सरस्वती पूजा से पहले मूर्तियां बनाने में लगे हुए हैं उन्होंने मूर्तियां बनाने का काम कलकत्ता से सीखा था उन्हें उम्मीद है कि दो तीन वर्षों के कोरोना काल के बाद इस वर्ष मूर्तियां बेचकर अच्छी आमदनी होने की उम्मीद है.
रामानुजगंज क्षेत्र में ऐसे दर्जनों की संख्या में बंगाली समुदाय के लोग हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी मूर्तियां बनाकर बेचने का व्यवसाय करते चले आ रहे हैं नवरात्र के समय मां दुर्गा की प्रतिमा बनाते हैं तो वहीं गणेश चतुर्थी त्यौहार के समय भगवान गणेश की मूर्तियां बनाकर बेचने का व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं.





