नहीं रही स्वर कोकिला लता मंगेशकर, जानिए उनकी कुछ अनसुनी बातें

भारत रत्न से सम्मानित, स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने 92 साल की उम्र में ली आखिरी सांस. वह काफी दिनों से बीमार चल रही थी और मुंबई स्थित ब्रीच कैंडी अस्पताल में 27 दिनों से भारती थी. उनकी हालत नाजुक होने के कारण कल (शनिवार) को उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था.
जानिए उनकी कुछ ख़ास बातें
लता मंगेशकर
भारत रत्न से सम्मानित लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर, 1929 को इंदौर में गोमंतक मराठा समाज के परिवार में सबसे बड़ी बेटी के रूप में हुआ था. उनकी परवरिश महाराष्ट्र में हुई थी. वह बचपन से ही गायक बनना चाहती थीं. पहली बार लता ने वसंग जोगलेकर द्वारा निर्देशित एक फ़िल्म कीर्ती हसाल के लिये गाया. उनके पिता नहीं चाहते थे कि लता फ़िल्मों के लिये गाये इसलिये इस गाने को फ़िल्म से निकाल दिया गया. लेकिन उसकी प्रतिभा से वसंत जोगलेकर काफी प्रभावित हुए.
कुछ साल बाद जब लता मंगेशकर मात्र तेरह वर्ष की थी तभी उनके पिता की मृत्यु हो गई जिसके बाद उन्हें काफी किल्लत का सामना करना पडा. पैसों की काफी तंगी झेलनी पड़ी. काफी संघर्ष करना पड़ा. उनकी रूचि अभिनय में नहीं थी लेकिन फिर भी उन्हें पैसों के लिये कुछ हिन्दी और मराठी फ़िल्मों में काम करना पड़ा.
अभिनेत्री के रूप में उनकी पहली फ़िल्म पाहिली मंगलागौर (1942) रही, जिसमें उन्होंने स्नेहप्रभा प्रधान की छोटी बहन की भूमिका निभाई. बाद में उन्होंने कई फ़िल्मों में अभिनय किया जैसे की जिनमें, माझे बाल, चिमुकला संसार (1943), गजभाऊ (1944), बड़ी माँ (1945), जीवन यात्रा (1946), माँद (1948), छत्रपति शिवाजी (1952) शामिल थी. बड़ी माँ, में लता ने नूरजहाँ के साथ, अभिनय किया और उसके छोटी बहन की भूमिका निभाई आशा भोंसलेने. उन्होंने खुद की भूमिका के लिये गाने भी गाये और आशा के लिये पार्श्वगायन किया.
लता मंगेशकर को गायक बन ने का मौक़ा 1949 में फ़िल्म “महल” के “आयेगा आनेवाला” गीत से मिला. इस गीत को उस समय की सबसे खूबसूरत और चर्चित अभिनेत्री मधुबाला पर फ़िल्माया गया था. यह फ़िल्म अत्यंत सफल रही थी और लता तथा मधुबाला दोनों के लिये बहुत शुभ साबित हुई. इसके बाद लता मंगेशकर जी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
लता मंगेशकर ने अब तक 20 से अधिक भाषाओं में 30000 से अधिक गाने गा चुकी हैं. वे 1980 के बाद से फिल्मों में गाना कम कर दिया और स्टेज शो पर अधिक ध्यान देने लगी. वह एक ऐसी जीवित व्यक्ति थे जिनके नाम से पुरस्कार दिया जाता था.
उन्होंने अपने जीवन में कई पुरस्कार जीते और अनेक पुरस्कार से उन्हें सम्मानित भी किया गया.
किन-किन पुरस्कार से सम्मानित की गई लता मंगेशकर
फिल्म फेयर पुरस्कार (1958, 1962, 1965, 1969, 1993 and 1994)राष्ट्रीय पुरस्कार (1972, 1975 and 1990)
महाराष्ट्र सरकार पुरस्कार (1966 and 1967)
1969 – पद्म भूषण
1974 – दुनिया में सबसे अधिक गीत गाने का गिनीज़ बुक रिकॉर्ड
1989 – दादा साहब फाल्के पुरस्कार
1993 – फिल्म फेयर का लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार
1996 – स्क्रीन का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
1997 – राजीव गान्धी पुरस्कार
1999 – एन.टी.आर. पुरस्कार
1999 – पद्म विभूषण
1999 – ज़ी सिने का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
2000 – आई. आई. ए. एफ. का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
2001 – स्टारडस्ट का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
2001 – भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न”
2001 – नूरजहाँ पुरस्कार
2001 – महाराष्ट्र भूषण





