जवाबी हमले में माहिर सीडीएस बिपिन रावत की मौत पर पीएम ने कहा- आपकी असाधारण सेवा को कभी नहीं भूलेगा भारत

देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत का बुधवार को तमिलनाडु के कुन्नूर में एक हेलिकॉप्टर हादसे में निधन हो गया. इस दुर्घटना में जनरल रावत की पत्नी मधुलिका रावत ने भी अपनी जान गंवा दी. हादसे में हेलिकॉप्टर में सवार कुल 14 में से 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है. जबकि दुर्घटना में घायल ग्रुप कैप्टन वरुन सिंह का इलाज किया जा रहा है. जनरल रावत के निधन से देश दुखी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत तमाम बड़े नेताओं ने दुख व्यक्त किया है.
सीडीएस रावत समेत 13 लोगों के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जताया. उन्होंने ट्वीट किया, “तमिलनाडु में हुए हेलिकॉप्टर क्रैश से मैं बेहद दुखी हूं, जिसमें हमने जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और सेना के अन्य लोगों को खो दिया. इन्होंने भारत की कड़ी मेहनत के साथ सेवा की. मेरी संवेदनाएं जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के साथ हैं.”
बिपिन रावत के नेतृत्व में हुई थी ये सर्जिकल स्ट्राइक
सीडीएस बिपिन रावत को काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशन के लिए जाना जाता है। जनरल बिपिन रावत भारत के पहले और वर्तमान रक्षा प्रमुख या चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाए गए। 1 जनवरी को रक्षा प्रमुख के पदभार ग्रहण किया था। इससे पूर्व वो भारतीय थलसेना के प्रमुख थे। जवाबी हमले में माहिर रहे तत्कालीन थल सेना प्रमुख बिपिन रावत के नेतृत्व में 29 दिसंबर 2016 को पाकिस्तान में घुस कर आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी। जिसमें ट्रेंड पैरा कमांडों ने इस सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान की सीमा में घुस कर सबक सिखाया था। ये उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद की भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई थी।





