उच्च अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाने तथा आपसी रंजिश में ग्रामीणों को फंसाने वाला प्रधान आरक्षक लाइन अटैच.. ग्रामीणों ने प्रधान आरक्षक पर लगाया आरोप : देखें वीडियो

कुन्नी पुलिस चौकी परिसर में खड़े वाहनों में हुए आगजनी की घटना के बाद सोशल मीडिया में अपने ही पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाने तथा आपसी रंजिश में ग्रामीणों को फंसाने वाले प्रधान आरक्षक मनीष तिवारी को लाइन अटैच कर दिया गया है।
लखनपुर थाना क्षेत्र के कुन्नी पुलिस चौकी में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ मनीष तिवारी ने अपने ही SDOP पर पैसे लेकर आरोपियों को छोड़ने का आरोप लगाया था। दरअसल रो-रोकर अपने ही विभाग के SDOPअपने ही विभाग के SDOPपर आरोप लगाने वाले सरगुजा जिले के कुन्नी चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक मनीष तिवारी का आरोप है कि दो दिन पहले थाना परिसर में उनकी कार और एक आरक्षक की बाइक आगजनी का शिकार हुई.. इस मामले में उन्होंने 5 लोगों को हिरासत में लिया था, जिसे SDOP चंचल तिवारी ने रिहा कर दिया।
बता दें कि एसपी को शिकायत मिली कि मामले में निर्दोष व्यक्तियों को आपसी रंजिश के कारण फंसाया जा रहा है। ऐसे में एसडीओपी चंचल तिवारी मामले की जांच करने गई तो पता चला कि पकड़े गए सभी आरोपी एक ही परिवार से जिनसे कुछ दिन पहले प्रधान आरक्षक मनीष तिवारी का विवाद हुआ था। यही नही जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ कि पकड़े गए 2 आरोपी तो घटना दिनांक को गांंव में ही नही थे। उधर एसडीओपी ने कुन्नी चौकी प्रभारी विष्णु सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जिसमें उदयपुर के सहायक उप निरीक्षक राजेंद्र प्रताप सिंह , केदमा चौकी के सहायक उप निरीक्षक दिलीप दुबे और लखनपुर थाना के आरक्षक दिलसुख लकड़ा को मामले की जांच का जिम्मा सौपा है, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कि जायेगी।




