छत्तीसगढ़ शासन का स्पष्टीकरण: रमजान में मुस्लिम कर्मचारियों को समय से पूर्व छुट्टी की खबर निराधार और भ्रामक
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग ने सोशल मीडिया और अन्य सूचना माध्यमों पर प्रसारित हो रही एक खबर का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह से भ्रामक करार दिया है। पिछले कुछ दिनों से विभिन्न मंचों पर यह दावा किया जा रहा था कि प्रदेश सरकार ने रमजान के महीने के दौरान मुस्लिम शासकीय कर्मचारियों को कार्यालय समय से एक घंटा पहले घर जाने की विशेष अनुमति प्रदान की है। अब शासन ने आधिकारिक पत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि विभाग द्वारा इस तरह का कोई भी आदेश या निर्देश जारी नहीं किया गया है।
भ्रामक दावों पर सरकार का रुख
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग, मंत्रालय (महानदी भवन) द्वारा जारी पत्र क्रमांक 94/obc/2026 के अनुसार, विभाग के संज्ञान में यह बात आई है कि मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से कर्मचारियों के बीच एक गलत सूचना साझा की जा रही है। संयुक्त सचिव अनुपम त्रिवेदी के हस्ताक्षर से जारी इस स्पष्टीकरण में कहा गया है कि “रमजान में शासकीय मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटा पूर्व कार्यालय छोड़ने संबंधी कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है, अतः मीडिया में आ रही ऐसी खबरें आधारहीन हैं।”
अफवाहों से बचने की अपील
शासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जनसंपर्क संचालनालय को भी सूचित किया है ताकि इस गलत सूचना के प्रसार को रोका जा सके। पत्र की प्रतियां मुख्यमंत्री सचिवालय और आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिवों को भी भेजी गई हैं। सरकार ने कर्मचारियों और आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी अनौपचारिक संदेश पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट या शासन द्वारा जारी अधिकृत प्रेस विज्ञप्ति को ही सही मानें।
प्रशासनिक सतर्कता
इस खंडन के बाद यह साफ हो गया है कि सभी शासकीय कार्यालयों में कार्य की अवधि सामान्य दिनों की तरह ही रहेगी। प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा है कि किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति से बचने के लिए विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह स्पष्टीकरण जारी किया है, ताकि कार्यालयीन कार्यों और व्यवस्थाओं पर इसका कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।




