30 लाख के गबन के मामले फरार जनपद का पूर्व CEO गिरफ्तार, कार्यक्रम अधिकारी और सप्लायरों के बाद अब मुख्य आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में

बलरामपुर : जनपद पंचायत वाड्रफनगर में हुए बहुचर्चित भ्रष्टाचार मामले में पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2014-15 के दौरान फर्जी बिलों के सहारे 30 लाख 2 हजार 449 रुपये का गबन करने वाले फरार तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रवण कुमार मरकाम को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। गौरतलब है कि इस बड़े घोटाले में पुलिस की कार्रवाई पहले से ही जारी थी, जिसके तहत पूर्व में मनरेगा के तत्कालीन कार्यक्रम अधिकारी अश्विनी कुमार तिवारी, सप्लायर हरिहर यादव, कुजलाल साहू और रोजगार सहायक गिरीश यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इन आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद से ही मुख्य आरोपी CEO लगातार फरार चल रहा था, जिसकी तलाश पुलिस को कई वर्षों से थी।
यह पूरा मामला ग्राम पंचायत तुगांवा, गुडरू, जमई और पेण्डारी में निर्माण कार्यों के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सरकारी राशि हड़पने से जुड़ा है। पुलिस ने मामले की विवेचना के दौरान धारा 164 के तहत गवाहों के कथन दर्ज किए और आरोपियों के विरुद्ध मजबूत साक्ष्य जुटाए। इसी कड़ी में पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी श्रवण कुमार मरकाम को अंबिकापुर के महुआपारा से हिरासत में लिया, जहाँ पूछताछ में उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर किए गए इस भ्रष्टाचार को स्वीकार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस मामले के कुछ अन्य फरार कड़ियों की तलाश में जुटी है।





