सब्जी विक्रेता से मारपीट, दुकान में तोड़फोड़ और नकदी लूटने वाले पिता-पुत्र समेत 3 गिरफ्तार

अम्बिकापुर: अम्बिकापुर के गोधनपुर क्षेत्र में सब्जी व्यापार को लेकर हुए विवाद में मारपीट, दुकान में तोड़फोड़ और नकदी लूटने का गंभीर मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता और उसके दो बेटों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले के अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
सब्जी सौदे को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी उपेन्द्र कुमार गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 19 जनवरी को एक महिला किसान 2 क्विंटल सुरन सब्जी बेचने आई थी, जिसका सौदा पहले से प्रार्थी के साथ तय था। इसी दौरान पड़ोस के सब्जी दुकान ‘मां शेरावाली सब्जी भण्डार’ के संचालक राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने जबरन ग्राहक को बुलाकर कम कीमत में सब्जी खरीदी और ऊंचे दाम पर बेच दी। जब उपेन्द्र ने इस पर आपत्ति जताई, तो राजेंद्र और उसके बेटे गाली-गलौज और मारपीट पर उतारू हो गए। बीच-बचाव करने आए प्रार्थी के चाचा जवाहर प्रसाद गुप्ता के साथ भी आरोपियों ने डंडे और मुक्कों से मारपीट की।
दुकान में घुसकर तोड़फोड़ और लूटपाट
हद तो तब हो गई जब प्रार्थी रिपोर्ट दर्ज कराने थाने गया। पीछे से आरोपी प्रियांशु गुप्ता, प्रिंस गुप्ता, सूरज गुप्ता और अंकित सोनी प्रार्थी की दुकान में घुस गए। उन्होंने वहां मौजूद आकाश गुप्ता के साथ मारपीट की और दुकान के शीशे, सीसीटीवी कैमरे व इलेक्ट्रॉनिक तराजू तोड़ दिए। आरोपी गल्ले में रखे सब्जी बिक्री के लगभग 30-40 हजार रुपये लूट ले गए और साक्ष्य मिटाने की नीयत से सीसीटीवी का डीवीआर भी उखाड़कर अपने साथ ले गए।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
कोतवाली पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 37/26 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने दबिश देकर आरोपी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता (55 वर्ष), प्रिंस गुप्ता (21 वर्ष) और प्रियांशु गुप्ता (19 वर्ष) को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार किया, लेकिन लूटी गई रकम और डीवीआर के संबंध में जानकारी छिपाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। इसके चलते मामले में धारा 238 बीएनएस भी जोड़ी गई है।
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया है। फरार आरोपियों सूरज गुप्ता और अंकित सोनी की तलाश जारी है। इस पूरी कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा और उनकी टीम के सहायक उप निरीक्षक देवनारायण यादव, प्रधान आरक्षक सदरक लकड़ा, आरक्षक दीपक पाण्डेय, नितिन सिन्हा और सुरेश गुप्ता सक्रिय रहे।





