धान बेचने का टोकन ना कटने से परेशान 65 वर्षीय किसान ने काटा गला, हालत गंभीर

राज्य के एक ग्रामीण अंचल से बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है। अपनी मेहनत की उपज धान को बेचने के लिए टोकन न मिल पाने की गहन निराशा में एक 65 वर्षीय वृद्ध किसान ने आत्मघाती कदम उठा लिया..
बागबाहरा/महासमुंद। जिले में धान खरीदी की अव्यवस्था एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। महासमुंद जिले के बागबाहरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सेनभाठा से एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ धान बेचने का टोकन नहीं मिलने से परेशान होकर एक वृद्ध किसान ने आत्मघाती कदम उठा लिया। 65 वर्षीय किसान ने अपने खेत में ही ब्लेड से अपना गला काट लिया। किसान की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है और उन्हें बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
तीन दिन से लगा रहे थे च्वाइस सेंटर के चक्कर
पीड़ित किसान की पहचान मनबोध गांडा (उम्र 65 वर्ष) के रूप में हुई है, जिनके पास करीब 1 एकड़ 40 डिसमिल कृषि भूमि है। परिजनों ने बताया कि मनबोध पिछले तीन दिनों से लगातार च्वाइस सेंटर का चक्कर लगा रहे थे ताकि वे अपनी उपज का टोकन कटवा सकें, लेकिन बार-बार निराशा हाथ लगने से वे गहरे सदमे में थे।
शनिवार की सुबह लगभग 8 बजे, मनबोध घर से गाय चराने का कहकर निकले थे। इसी दौरान, टोकन न मिलने की हताशा में उन्होंने अपने खेत में ही ब्लेड से खुद का गला काट लिया।
घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने तत्काल परिजनों को सूचना दी। आनन-फानन में 112 एंबुलेंस की मदद से घायल किसान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा लाया गया। यहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें महासमुंद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, किसान की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसके चलते उन्हें उच्च स्तरीय उपचार के लिए राजधानी रायपुर रेफर करने की तैयारी चल रही है।
इस घटना ने धान खरीदी केंद्र और टोकन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन को इस ओर तत्काल ध्यान देने और किसानों की समस्याओं को संवेदनशीलता से हल करने की आवश्यकता है।




