केरजू समिति में 127 किसानों के फर्जी हस्ताक्षर कर 1.92 करोड़ का घोटाला: तत्कालीन प्राधिकृत अधिकारी, शाखा प्रबंधक और कैशियर सहित 8 पर FIR …
अम्बिकापुर | आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित केरजू में फर्जी ऋण आहरण का एक बड़ा सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। जांच में 127 किसानों के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर 1,92,82,006 रुपये (एक करोड़ बयानवे लाख बयासी हजार छह रुपये) का अवैध आहरण पाया गया है। इस वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने के बाद कलेक्टर अजीत वसंत ने तत्कालीन प्राधिकृत अधिकारियों, शाखा प्रबंधक, सहायक लेखापाल और कंप्यूटर ऑपरेटर सहित कुल 8 संबंधितों के विरुद्ध एफआईआर (FIR) दर्ज करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
127 किसानों के हक पर डाका: फर्जी हस्ताक्षर से निकाला पैसा
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर की अध्यक्षता में गठित संयुक्त जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि सहकारी समिति के भीतर एक सुनियोजित तरीके से किसानों के नाम पर कर्ज निकाला गया। रिकॉर्ड के अनुसार, कुल 127 किसानों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए और उनके खाते से करोड़ों रुपये की राशि निकाल ली गई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रशासन ने निम्नलिखित कर्मचारियों और अधिकारियों को सीधे तौर पर दोषी पाया है:
* मदन सिंह (तत्कालीन प्राधिकृत अधिकारी)
* जोगी राम (तत्कालीन प्राधिकृत अधिकारी)
* सैनाथ केरकेट्टा (वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक एवं प्राधिकृत अधिकारी)
* भूपेन्द्र सिंह परिहार (तत्कालीन शाखा प्रबंधक)
* शिवशंकर सोनी (सहायक लेखापाल)
* ललिता सिन्हा (कैशियर)
* सुमित कुमार (सामान्य सहायक)
* दीपक कुमार चक्रधारी (कम्प्यूटर ऑपरेटर)
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अजीत वसंत ने स्पष्ट किया है कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संबंधित थाने को निर्देश दिए हैं कि उपरोक्त सभी 8 दोषियों के विरुद्ध तत्काल अपराध पंजीबद्ध किया जाए। साथ ही, एफआईआर की प्रति अधोहस्ताक्षरकर्ता को अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने को कहा गया है ताकि आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।




