हत्या के बाद शव के साथ क्रूरता का दावा भ्रामक, पुलिस ने आकांक्षा टोप्पो के वीडियो का किया खंडन, मृतिका के अंतःवस्त्रों से मिली थी शराब की बोतल

बैकुंठपुर। सोशल मीडिया पर आकांक्षा टोप्पो द्वारा मृतिका के संबंध में प्रसारित एक वीडियो को कोरिया पुलिस ने पूरी तरह तथ्यहीन और निराधार करार दिया है। आकांक्षा टोप्पो ने अपने फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर थाना चरचा के मर्ग क्रमांक 05/2026 से जुड़ी मृतिका के साथ अमानवीय कृत्य और हत्या जैसे सनसनीखेज आरोप लगाए थे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वीडियो में किए गए दावे मनगढ़ंत हैं और जांच के वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाते, जिससे पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 26 फरवरी 2026 को जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर से प्राप्त मेमो के आधार पर थाना चरचा में धारा 194 बीएनएसएस के तहत मर्ग जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान मृतिका के पति, पुत्र और अन्य परिजनों ने बयानों में स्पष्ट किया कि मृतिका अत्यधिक मदिरापान की आदी थी और नशे की स्थिति में अक्सर अपना मानसिक संतुलन खोकर कहीं भी गिर जाया करती थी। परिजनों ने किसी भी प्रकार की हत्या या साजिश की बात से इनकार किया है।
आकांक्षा टोप्पो द्वारा वीडियो में दावा किया गया था कि मृतिका की हत्या कर उसके शरीर के आंतरिक हिस्सों में शराब की बोतल डाली गई है। पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह असत्य बताते हुए स्पष्ट किया कि शव निरीक्षण के दौरान महिला पंचों की उपस्थिति में मृतिका के अंतःवस्त्रों (अंडरगारमेंट्स) के भीतर से शराब की 180 एमएल की एक प्लास्टिक की शीशी बरामद हुई थी। पुलिस का कहना है कि शराबी प्रवृत्ति के व्यक्तियों द्वारा ऐसी सामग्री को अपने कपड़ों में छिपाकर रखने की आदत देखी गई है, जिसे वीडियो में गलत और भ्रामक संदर्भ में प्रचारित किया गया।
पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने शरीर के आंतरिक अंगों में बोतल जैसी किसी भी बाहरी वस्तु के होने या क्रूरता की पुष्टि नहीं की है। रिपोर्ट में केवल शरीर में अल्कोहल की उपस्थिति पाई गई है। पुलिस ने विसरा (Viscera) सुरक्षित कर एफएसएल परीक्षण हेतु भेज दिया है। वर्तमान में इस पूरे प्रकरण की सूक्ष्म विवेचना डीएसपी बैकुंठपुर द्वारा की जा रही है। कोरिया पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही ऐसी अफवाहों और भ्रामक जानकारियों पर विश्वास न करें।





