Video :नारी शक्ति ने दिखाया अदम्य साहस, कृष्णा विहार कॉलोनी की ‘उड़ान महिला समिति’ ने तड़पती गाय के गर्भ से फंसे बछड़े को सुरक्षित निकाल कर दिया नया जीवन

अंबिकापुर: अंबिकापुर स्थित कृष्ण विहार कॉलोनी (गांधीनगर) में आज मानवता और नारी शक्ति का एक अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। यहाँ ‘उड़ान महिला समिति’ की एक सदस्या ने अपनी सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय देते हुए, असहनीय प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गाय और उसके गर्भ में फंसे हुए बछड़े की जान बचाई।
कृष्ण विहार कॉलोनी में आज एक गाय प्रसव वेदना से बुरी तरह छटपटा रही थी। स्थिति तब अत्यंत गंभीर हो गई जब गाय का बछड़ा गर्भ में ही फंस गया। गाय असहनीय दर्द के कारण मृत्यु के करीब पहुँच चुकी थी और वहाँ मौजूद लोग बेजुबान की यह हालत देखकर विचलित हो रहे थे, लेकिन जटिल स्थिति के कारण कोई भी हाथ आगे बढ़ाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
ऐसे नाजुक और आपातकालीन समय में उड़ान महिला समिति की सदस्य और इसी कॉलोनी की निवासी श्रीमती कोमल यादव ने असाधारण साहस और धैर्य का परिचय दिया। उन्होंने बिना समय गंवाए स्वयं आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। श्रीमती यादव ने बेहद सावधानी के साथ गर्भ में फंसे हुए बछड़े को बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की। उनके इस साहसिक प्रयास से न केवल गाय की तड़प शांत हुई, बल्कि नवजात बछड़े को भी सुरक्षित दुनिया में लाने में कामयाबी मिली।
प्रसव के तुरंत बाद सूचना पाकर डॉ. आशीष महंत घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए गाय और बछड़े का चिकित्सकीय परीक्षण किया और उन्हें आवश्यक दवाएं व इंजेक्शन दिए। डॉक्टर के समय पर उपचार से अब गाय और बछड़ा दोनों पूरी तरह स्वस्थ और खतरे से बाहर हैं।
इस पूरे सेवा कार्य में ‘उड़ान महिला समिति’ की एकजुटता देखने को मिली। समिति की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सोनी, श्रीमती अंजुला मिश्रा, श्रीमती सवि चंद्रा सहित अन्य सदस्यों ने मौके पर उपस्थित रहकर पूरा सहयोग और संवेदनशीलता दिखाई।
उड़ान महिला समिति का यह सराहनीय कदम समाज के प्रति उनके दायित्वबोध और करुणा को दर्शाता है। कॉलोनी वासियों ने श्रीमती कोमल यादव और समिति के सभी सदस्यों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की है। यह घटना सिद्ध करती है कि संकट की घड़ी में यदि सामूहिक प्रयास और साहस दिखाया जाए, तो बेजुबानों की रक्षा करना ही सच्ची मानवता है।



