छत्तीसगढ़ सरकार का ₹1.72 लाख करोड़ का बजट: बुनियादी ढांचे, कृषि और महिला सुरक्षा पर केंद्रित ‘SANKALP’ रोडमैप

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,72,000 करोड़ का वार्षिक बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस बजट को ‘SANKALP’ (संकल्प) विजन का नाम देते हुए ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ की दिशा में एक अहम कदम बताया है। बजट में सामाजिक सुरक्षा और आधुनिक अधोसंरचना के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
महिला कल्याण: ‘रानी दुर्गावती योजना’ की घोषणा
महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं:
* महतारी वंदन योजना: 70 लाख महिलाओं को मासिक सहायता के लिए ₹8,200 करोड़ आवंटित।
* रानी दुर्गावती योजना: नई योजना के तहत प्रदेश की बेटियों को 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ₹1.5 लाख की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
* बुनियादी ढांचा: राज्य में 250 ‘महतारी सदनों’ के निर्माण का प्रस्ताव है।
कृषि और सिंचाई: दायरे में विस्तार
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कृषि क्षेत्र में बड़े निवेश का लक्ष्य रखा गया है:
* कृषक उन्नति योजना: ₹10,000 करोड़ का फंड आवंटित। खास बात यह है कि अब धान के साथ दलहन, तिलहन और मक्का को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
* बस्तर में सिंचाई: इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगाँव बैराज के लिए ₹2,024 करोड़ का प्रावधान है, जिससे क्षेत्र की 32,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य है।
कर्मचारी और स्वास्थ्य: डिजिटल और कैशलेस सेवा
शासकीय कर्मचारियों और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तकनीकी सुधारों पर जोर दिया गया है:
* कैशलेस इलाज: सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए ₹100 करोड़ की लागत से कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू की जाएगी।
* मेडिकल कॉलेज: कुनकुरी, मनेन्द्रगढ़, दंतेवाड़ा और जांजगीर-चांपा में नए मेडिकल व नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना प्रस्तावित है।
* आयुष्मान योजना: ‘शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान योजना’ के लिए ₹1,500 करोड़ का बजट रखा गया है।
शिक्षा और भविष्य की तकनीक
युवाओं और शिक्षा क्षेत्र के लिए नए संस्थानों की घोषणा हुई है:
* CGIT: IIT की तर्ज पर रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में ‘छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ की स्थापना की जाएगी।
* परीक्षा केंद्र: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए रायपुर में ₹25 करोड़ की लागत से एक ‘मेगा परीक्षा केंद्र’ बनाया जाएगा।
* नक्सल प्रभावित क्षेत्र: अबूझमाड़ और जगरगुंडा में ₹100 करोड़ की लागत से ‘एजुकेशन सिटी’ विकसित होगी।
शहरी विकास: मेट्रो और सड़कों का जाल
राजधानी और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए:
* मेट्रो रेल: रायपुर में मेट्रो रेल परियोजना के प्रारंभिक सर्वे के लिए बजट निर्धारित किया गया है।
* SCR विकास: ‘स्टेट कैपिटल रीजन’ (SCR) के विकास की रूपरेखा तैयार की गई है।
* सड़कें: ‘द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना’ के तहत राज्य के 36 प्रमुख मार्गों को 2-लेन में अपग्रेड किया जाएगा।
यह बजट राज्य में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए नकद प्रवाह बढ़ाने और साथ ही बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के जरिए दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करने का एक मिला-जुला प्रयास नजर आता है।


