ज़मीन विवाद में चचेरे भाई ने की 14 वर्षीय बालक की कुल्हाड़ी मारकर हत्या, वारदात के बाद खुद फोन कर दी सूचना और शव खोजने का किया नाटक, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सूरजपुर । ज़मीन विवाद की रंजिश में एक नाबालिग की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ आरोपी ने बड़ी बेरहमी से कुल्हाड़ी (टांगी) मारकर वारदात को अंजाम दिया। हत्या की इस घटना को जितनी चालाकी से अंजाम दिया गया, उतनी ही शातिर तरीके से आरोपी ने पुलिस और परिजनों को गुमराह करने की भी कोशिश की। आरोपी ने न केवल पहचान छिपाकर हत्या की खबर दी, बल्कि खुद भी शव को तलाशने के अभियान में शामिल रहा। हालांकि, पुलिस की सूक्ष्म जांच ने आरोपी के पूरे ड्रामे का पर्दाफाश कर दिया।
वारदात की असली वजह जमीन बंटवारे को लेकर उपजा विवाद था। पुलिस की विवेचना के अनुसार, आरोपी देवसाय पण्डो उर्फ देवान का अपने चाचा और मृतक के पिता मंगलूराम से लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के कारण वह परिवार को नुकसान पहुँचाने की ताक में था। सूरजपुर जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम महोरा में बीती 11 फरवरी 2026 की शाम करीब 5 बजे, जब नाबालिग लालसाय अपने घर के पीछे बाड़ी में था, तब आरोपी ने उसे बहला-फुल्का कर अपने पास बुलाया। इसके बाद वह अपने 3 साल के बच्चे को नहलाने के बहाने लालसाय को साथ लेकर नदी की ओर गया, जहाँ उसने अपने पास टांगी छिपा रखी थी।
जंगल की ओर ले जाकर विवाद बढ़ने पर आरोपी ने गहुआ भादा जंगल के पास लालसाय के गले पर टांगी से जानलेवा प्रहार कर दिया। हमले के बाद जब बालक जान बचाने के लिए भागा, तो आरोपी ने उसे दोबारा पकड़कर फिर से वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शातिर आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए मृतक के ही मोबाइल से उसके मामा को फोन किया और अज्ञात बनकर हत्या की सूचना दी। इसके बाद उसने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से मोबाइल और सिम कार्ड को झाड़ियों में फेंक दिया। घटना के अगले दिन 12 फरवरी 2026 को वह ग्रामीणों के साथ मिलकर खुद भी शव को खोजने का ढोंग करता रहा ताकि किसी को उस पर शक न हो।
मामले की सूचना मिलते ही डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एडिशनल एसपी योगेश देवांगन और एसडीओपी बेनार्ड कुजूर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रेमनगर विराट विशी की टीम ने संदेह के आधार पर 28 वर्षीय देवसाय पण्डो को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर जंगल से मृतक का मोबाइल, टूटी हुई सिम और हत्या में प्रयुक्त टांगी बरामद कर ली है। इस कार्यवाही में प्रधान आरक्षक महेन्द्र पटेल, विनय किस्पोट्टा और आरक्षक सत्यम सिंह सहित पूरी टीम की सक्रिय भूमिका रही।





