सोंदो महातिहार में कोड़ाकू जनजाति की संस्कृति की गूंज, मांदर की थाप पर थिरके अतिथि

बलरामपुर। बलरामपुर तहसील के ग्राम पंचायत पचावल अंतर्गत ग्राम ढोढ़ीकोना के गौठान (सोंदो डाड़) में आदिवासी सोंदो महातिहार का भव्य आयोजन किया गया। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य कोड़ाकू आदिवासी संस्कृति की विशिष्ट पहचान को पुनर्जीवित करना और पारंपरिक नाच-गान व वाद्य यंत्रों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ना रहा।

20 गांवों का जुटाव और सांस्कृतिक एकजुटता
इस महोत्सव में लगभग 20 गांवों के ग्रामीणों ने शिरकत की। धान गोला मुट्ठी चावल संगठन के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। आयोजन के दौरान कोड़ाकू जनजाति की लुप्त होती कलाओं और वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा।
अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह, थिरके कदम
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज और जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव (बाबा) उपस्थित रहे। साथ ही जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बबली देवी, भूतपूर्व जनपद सदस्य जयप्रकाश संबल, भूतपूर्व जनपद उपाध्यक्ष भानू प्रताप दीक्षित एवं जनपद सदस्य श्यामा तिर्की ने भी शिरकत की।
उत्सव का माहौल तब और भी खुशनुमा हो गया जब अतिथियों ने ग्रामीणों के साथ ताल से ताल मिलाकर वाद्य यंत्र बजाए और सामूहिक नृत्य (सोंदो नाच) किया। इस सामूहिक सहभागिता ने कोड़ाकू जनजाति की ऐतिहासिक सांस्कृतिक पहचान को एक नया गौरव प्रदान किया।
विभागीय योजनाओं की दी गई जानकारी
सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ ग्रामीणों के उत्थान के लिए विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन भी दिया। कृषि विज्ञान केंद्र जाबर के प्रमुख एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ. गौरवकांत निगम तथा पशु विभाग बलरामपुर की डॉ. ममता निकुंज ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने शासन द्वारा जनहित में चलाई जा रही योजनाओं और सेवाओं के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया।
सफल आयोजन और नेतृत्व
कार्यक्रम का सफल संचालन आदिवासी धान गोला/मुट्ठी चावल संगठन ढोढ़ीकोना पचावल के आयोजकों द्वारा किया गया। छत्तीसगढ़ समन्वयक स्टीफन सोना एवं सलाहकार विनेय कुमार बघेल के नेतृत्व में यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर बलरामपुर, चांदो और संगठन की विभिन्न इकाइयों के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




