आंगनबाड़ी हादसे में छात्र की मौत: प्रधान पाठक के निलंबन के बाद अब सरपंच-सचिव पर FIR, ‘घटिया निर्माण’ ने ली मासूम की जान

अंबिकापुर । वाड्रफनगर विकासखंड के खुटहनपारा स्कूल में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का छज्जा गिरने से कक्षा 6वीं के छात्र की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने अब निर्माण एजेंसी पर शिकंजा कसा है। स्कूल की प्रधान पाठक को निलंबित करने के बाद, प्रशासन ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर घटिया निर्माण को जिम्मेदार माना है। इसी कड़ी में भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोपों के तहत संबंधित ग्राम सरपंच और सचिव के विरुद्ध FIR दर्ज कराई गई है।
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा मासूम का जीवन
जांच दल की प्रारंभिक रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन में निर्माण मानकों की घोर अनदेखी की गई थी। छज्जे के निर्माण में उपयोग की गई सामग्री इतनी निम्न स्तर की थी कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के भरभरा कर गिर गई। प्रशासन का मानना है कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान रखा गया होता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। इसी “आपराधिक लापरवाही” को आधार बनाकर पुलिस ने सरपंच और सचिव के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इससे पहले, शिक्षा विभाग ने छात्रों की निगरानी में चूक के लिए प्रधान पाठक श्रीमती ममता गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था और तीन शिक्षकों को नोटिस जारी किया था। लेकिन ग्रामीणों और परिजनों के भारी आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने मूल कारण यानी ‘घटिया निर्माण’ पर कड़ा प्रहार किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और सचिव ने निजी लाभ के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया और बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रख दिया।
परिजनों का प्रदर्शन और न्याय की मांग
हादसे के बाद से ही शारदापुर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मृतक छात्र के परिजनों ने दोषियों की गिरफ्तारी और उचित मुआवजे की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आक्रोशित परिजन न्याय के लिए डटे हुए हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि FIR दर्ज होने के बाद अब कानून सम्मत कड़ी कार्रवाई की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।






