अवैध धान खपाने के खेल में पटवारी भी शामिल: पुलिस ने पटवारी समेत दो को किया गिरफ्तार, यूपी से धान लाकर छत्तीसगढ़ की मंडियों में बेचने का खुलासा

बलरामपुर: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी सीजन के दौरान अवैध धान के कारोबार पर बलरामपुर पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। सनावल पुलिस ने उत्तर प्रदेश से अवैध धान लाकर छत्तीसगढ़ की सरकारी मंडियों में खपाने वाले गिरोह के साथ मिलीभगत के आरोप में एक पटवारी और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने सरकारी महकमे और बिचौलियों के बीच के गठजोड़ को उजागर कर दिया है।
विवेचना और मोबाइल जांच से हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पूर्व में दर्ज अपराध क्रमांक 82/2025, जिसमें धारा 3, 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं 318(4), 61(2) BNS के तहत आरोपी श्याम सुंदर गुप्ता और उसके भाई शिवम गुप्ता को जेल भेजा गया था, की कड़ी में हुई है। मामले की विवेचना के दौरान जब पुलिस ने मुख्य आरोपी श्याम सुंदर गुप्ता के मोबाइल की जांच की, तो इसमें पटवारी संजय सोनी पिता नीलम सोनी (32 वर्ष) और राजेश कुमार पिता जलदेव प्रसाद गुप्ता (39 वर्ष) की अपराध में संलिप्तता पाई गई। साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की।
किसानों के खातों का किया जाता था दुरुपयोग
पूछताछ में आरोपी पटवारी संजय सोनी और राजेश कुमार ने स्वीकार किया कि वे मुख्य आरोपी श्याम सुंदर गुप्ता के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश से अवैध धान लाते थे। इसके बाद पटवारी की मिलीभगत से इस धान को छत्तीसगढ़ की खरीदी मंडियों में अलग-अलग किसानों के खातों में फर्जी तरीके से बेचकर अवैध लाभ कमाया जाता था। इस कबूलनामे के बाद पुलिस ने सनावल निवासी पटवारी संजय सोनी और तालकेश्वरपुर निवासी राजेश कुमार को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
सनावल पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों के विरुद्ध ठोस सबूत जुटाने के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस इस मामले में अब यह जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन से किसानों के खातों का इस्तेमाल हुआ है और क्या विभाग के कुछ अन्य लोग भी इस सिंडिकेट का हिस्सा हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध धान का कारोबार करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।





