ISRO की ‘बाहुबली’ उड़ान: बिना किसी टावर अथवा केबल के अंतरिक्ष से सीधे मोबाइल पर आएगा इंटरनेट, भारत ने लॉन्च किया दुनिया का सबसे भारी सैटेलाइट.. देखें वीडियो

हिन्द शिखर समाचार । भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज एक बार फिर अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसरो के सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3, जिसे अपनी अपार शक्ति के कारण ‘बाहुबली’ कहा जाता है, ने अमेरिकी कंपनी AST SpaceMobile के ‘ब्लूवर्ड ब्लॉक-2’ (BlueBird Block-2) सैटेलाइट को सफलतापूर्वक उसकी निर्धारित कक्षा में स्थापित किया। यह मिशन भारत के अंतरिक्ष इतिहास में अब तक का सबसे भारी कमर्शियल लॉन्च है, जिसने वैश्विक स्तर पर भारत की साख को और मजबूती दी है।
इस मिशन की सबसे खास बात इसकी क्रांतिकारी तकनीक है, जो भविष्य में संचार की परिभाषा बदल देगी। अब तक सैटेलाइट इंटरनेट के लिए विशेष टर्मिनल या ग्राउंड स्टेशन की आवश्यकता होती थी, लेकिन ब्लूवर्ड ब्लॉक-2 सीधे आपके स्मार्टफोन पर हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाने में सक्षम है। 2200 वर्ग मीटर के विशाल एंटीना से लैस यह सैटेलाइट बिना किसी मोबाइल टावर या केबल के सीधे अंतरिक्ष से स्मार्टफोन को कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यह तकनीक विशेष रूप से आपदा प्रबंधन और उन दूर-दराज के इलाकों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी जहाँ आज भी नेटवर्क पहुंच से बाहर है।
प्रक्षेपण के दौरान इसरो के वैज्ञानिकों ने अत्यधिक सावधानी और सूझबूझ का परिचय दिया। रॉकेट को अपने निर्धारित समय से करीब 90 सेकंड की देरी से सुबह 8 बजकर 55 मिनट पर रवाना किया गया। इसरो के अनुसार, यह मामूली देरी अंतरिक्ष में तैर रहे मलबे या पहले से मौजूद अन्य सैटेलाइट्स से संभावित टक्कर (कंजंक्शन) को टालने के लिए की गई थी। बाहुबली रॉकेट LVM3 की यह लगातार आठवीं सफल उड़ान है, जिसने अपने 100% सफलता के रिकॉर्ड को बरकरार रखा है। इसी भरोसेमंद रॉकेट ने पूर्व में चंद्रयान-3 जैसे महत्वपूर्ण मिशनों को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक पहुँचाया था।
मिशन की शानदार सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसरो चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने बताया कि लगभग 6,100 किलोग्राम वजनी यह सैटेलाइट इसरो द्वारा अब तक अंतरिक्ष में भेजा गया सबसे भारी पेलोड है। उन्होंने इसे भारत के लिए एक बड़ा व्यावसायिक अवसर बताते हुए कहा कि यह मिशन साबित करता है कि भारत अब दुनिया के सबसे भरोसेमंद और हाई-एंड स्पेस लॉन्च प्रदाताओं में शुमार हो चुका है। इस सफलता के साथ ही भारत अब SpaceX और Arianespace जैसी दिग्गज वैश्विक अंतरिक्ष कंपनियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है, जिससे आने वाले समय में देश के लिए अरबों डॉलर के निवेश और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।



