जशपुर

तंत्र-मंत्र कर मृतक को ‘जिंदा’ करने का झांसा: 60 हजार मांगे, फिर महिला को ‘टोनही’ बताकर फरार हुए दो बैगा गिरफ्तार; पुलिस अधिकारी समेत 8 पहले ही भेजे गए थे जेल

जशपुर/दुलदुला: जशपुर पुलिस ने अंधविश्वास और टोनही प्रताड़ना से जुड़े एक संवेदनशील मामले में फरार चल रहे दो मुख्य आरोपी बैगाओं को सारंगढ़-बिलाईगढ़ और रायगढ़ जिलों से गिरफ्तार कर लिया है। ये बैगा तंत्र-मंत्र के नाम पर मृतक को ज़िंदा करने का दावा कर हज़ारों रुपए ठगने और फिर एक ग्रामीण महिला को ‘टोनही’ बताकर ग्रामीणों को भड़काने के बाद फरार हो गए थे।
थाना दुलदुला क्षेत्रांतर्गत ग्राम भिंजपुर का है। 53 वर्षीय फ़ौसी बाई ने 08.11.2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 08.11.2025 की सुबह कुछ आरोपी उनके घर में जबरन घुस आए, उन्हें गालियाँ दीं और “तुम टोनही हो, तुमने मेरी माँ को जादू-टोना कर मरवा दिया है,” कहकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें घसीटते हुए मरघट की ओर ले जाने लगे। बाद में फ़ौसी बाई के बेटे और बेटी ने उन्हें बचाया।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए, प्रताड़ना के इस कृत्य में शामिल मृतका के पति, सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) फूलचंद भगत सहित कुल आठ आरोपियों (गायत्री भगत, विष्णु भगत, अनिता भगत, रमेश भगत, ललिता भगत, अंजना मिंज, व तेलेस्फोर मिंज) को तुरंत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था।

जाँच में सामने आया कि मृतक सुनीता भगत, जो कि आरोपी एएसआई फूलचंद भगत की पत्नी थी, की रायपुर के एक अस्पताल में 30.10.2025 को मृत्यु हो गई थी। इसके बाद फूलचंद भगत ने अपने रिश्तेदारों की सलाह पर दो बैगाओं – कृपा चौहान (निवासी खर्रा मुड़ा, रायगढ़) और संतु राम चौहान (निवासी लेंनघरा, सारंगढ़-बिलाईगढ़) से संपर्क किया।
दोनों बैगाओं ने मृतका को ज़िंदा करने का दावा किया और तंत्र-मंत्र के नाम पर 60 हज़ार रुपए की मांग की। 07.11.2025 को 11 हज़ार रुपए लेने के बाद, बैगाओं ने रात में भिंजपुर के शमशान में झाड़-फूंक का नाटक किया। जब मृतका के पति ने शेष राशि देने से मना किया, तो बैगाओं ने पलटकर कहा कि अब मृतका को ज़िंदा नहीं किया जा सकता, क्योंकि भिंजपुर की महिला फ़ौसी बाई ने उसे ‘टोनही’ बनकर खा लिया है। बैगाओं के इस भड़काने के बाद, मृतका के परिजनों ने फ़ौसी बाई के साथ मारपीट की थी।
जशपुर पुलिस ने दोनों फरार बैगाओं – कृपा चौहान और संतु राम चौहान को टेक्निकल टीम की मदद से उनके गृह जिलों रायगढ़ और सारंगढ़ से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपी बैगाओं के विरुद्ध थाना दुलदुला में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 351(2), 115(2), 333, 190, 191(2) और छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम की धारा 4, 5 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि जादू टोना और किसी को टोनही कहना, न सिर्फ अंधविश्वास है, बल्कि यह गंभीर अपराध भी है।

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