कड़ाके की ठंड के बीच रात में शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन,जान जोखीम में डालकर रात में लोग राशन उठाने को मजबूर

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिले में 6 डिग्री सेल्सियस से भी कम पारा पहुंच गया। जिससे लोग अलाव जलाकर ठंड में राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर जिले में एक ऐसा गांव है जहां कड़ाके की ठंड के बीच शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक किया जा रहा है। और मजबूर ग्रामीण कड़ाके की पड़ रही ठंड के बीच राशन उठाने को मजबूर है। रात के समय राशन उठाने में ग्रामीणों को अनेकों प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है यही नहीं ठंड के इस मौसम में जहां लोग घरों के अंदर रजाई ओढ़ कर आराम करते हैं तो वहीं इस गांव के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर कड़कड़ाती ठंड में राशन उठाने उचित मूल्य दुकान पहुंचते हैं। दरअसल पूरा मामला लुण्ड्रा विधानसभा के लखनपुर विकासखंड के ग्राम लोसगा का है। जहां उप सरपंच विशुन तिर्की अपनी पुत्री के साथ शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन करते है। उप सरपंच की पुत्री मिशन स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्य करती हैं विद्यालय की छुट्टी होने के बाद घर पहुंचकर अपने पिता के साथ शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक अवकाश के दिन में सुबह से शाम तक ग्रामीणों को राशन का वितरण किया जाता है। शाम 5 से रात बजे तक शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन होने पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया है कि क्षेत्र में पड़ रही कड़ाके की ठंड में ग्रामीणों को राशन लेने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है और जान जोखिम में डालकर ग्रामीण देर रात तक तक राशन उठाते हैं। गांव में लंबे समय से राशन वितरण की समस्या बनी हुई है। उन्होंने शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षण करते हुए नियमित रूप से और शासन के निर्धारित समय अनुसार शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन करने की मांग की है।
एसडीएम वनसिंह नेताम
इस संबंध में एसडीएम वन सिंह नेताम से बात करने पर उनके द्वारा कहा गया कि मामला संज्ञान में आया है इसकी जांच कराई जाएगी।





