सरगुजा में 80 हजार विद्यार्थी निजी स्कूलों में अध्ययनरत: अशासकीय विद्यालय प्राचार्यों की बैठक में कलेक्टर के कड़े निर्देश, NCERT की अनिवार्यता, 200 गज की सीमा में तंबाकू की बिक्री पर रोक

अम्बिकापुर / जिले के सर्व अशासकीय विद्यालय के प्राचार्यो की बैठक कलेक्टर विलास भोसकर की अध्यक्षता में शासकीय कन्या उ.मा.वि. अंबिकापुर के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, सभी बीईओ, एबीईओ, बीआरसीसी तथा स्वास्थ्य एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि सरगुजा जिले में लगभग 80 हजार विद्यार्थी निजी विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। कलेक्टर ने द्वारा विद्यालय प्रबंधनों को विद्यालय सुरक्षा, परिवहन व्यवस्था, शिक्षण-अध्यापन एवं प्रशासनिक कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने वाहन चालकों के पुलिस सत्यापन, शराब सेवन की स्थिति में वाहन संचालन पर प्रतिबंध, विद्यालय वाहनों की फिटनेस जांच तथा विद्यालय परिसर के आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की उपस्थिति की सूचना प्रशासन को देने संबंधी निर्देश दिए। बच्चों को टूर पर ले जाते समय वाहन व चालक की अनिवार्य जांच करने के भी निर्देश दिए गए। शिक्षण कार्य से संबंधित निर्देशों में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में एनसीईआरटी पुस्तकों का ही उपयोग किया जाए। यदि आवश्यक हो तो अन्य पुस्तकों की कीमत एनसीईआरटी पुस्तक से अधिक नहीं होनी चाहिए। वार्षिकोत्सव या अन्य कार्यक्रमों में विद्यार्थियों पर ड्रेस कोड का अनावश्यक दबाव न डालने तथा बच्चों को गुड टच-बैड टच की जानकारी देने पर भी जोर दिया गया। फीस न दे पाने की स्थिति में विद्यार्थियों का टी.सी. न रोके जाने तथा आवश्यक होने पर नियमानुसार फीस माफी की कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की जानकारी दी गई। शैलेन्द्र गुप्ता द्वारा नशामुक्ति एवं विद्यालय परिसर से 200 गज की सीमा में नशे की वस्तुओं की बिक्री पर रोक संबंधी जानकारी प्रदान की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम 2013 के अनुसार सभी संस्थानों में समिति गठन करने के निर्देश दिए गए। समाजसेवी एवं पालक प्रतिनिधि श्रीमती शिल्पा पाण्डेय द्वारा बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य एवं काउंसलिंग की आवश्यकता पर विस्तृत चर्चा की गई। एल.पी. गुप्ता, प्राचार्य द्वारा निजी विद्यालय मान्यता, आरटीई एवं परिणाम सुधार से संबंधित आवश्यक बिंदु रखे गए। आरएमएसए से जिला मिशन समन्वयक द्वारा अपार आईडी संबंधी दिशानिर्देश दिए गए, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने 03 दिवस में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षा गुणवत्ता सुधारने, पाठ्यक्रम समय पर पूर्ण करने, परीक्षा पूर्व तैयारी एवं मॉडल/अनसॉल्व्ड पेपर हल कराने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी प्राचार्यों से जिले का परीक्षाफल प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ लाने हेतु समर्पित होकर कार्य करने का आह्वान किया। बैठक का समापन सहायक संचालक रविशंकर तिवारी द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।


