गिर्दावरी त्रुटियाँ, तकनीकी खामियाँ और तहसील के चक्कर में उलझे किसान,लखनपुर में किसानों का प्रदर्शन, 27 नवंबर को NH-130 पर चक्का जाम की चेतावनी

अंबिकापुर। विकासखंड लखनपुर के अंतर्गत धान खरीदी की सरकारी प्रक्रियाओं में व्याप्त भारी अव्यवस्था, तकनीकी खामियों और प्रशासनिक लेटलतीफी के विरोध में आज लखनपुर तहसील कार्यालय में दूर-दराज के दर्जनों गाँवों से आए सैकड़ों किसानों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। किसानों ने तत्काल अपनी समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 27 नवंबर तक उनकी माँगे पूरी नहीं होती हैं, तो वे राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-130) पर बड़े पैमाने पर चक्का जाम करेंगे।
तकनीकी खामियों ने डुबाई किसानों की उम्मीदें
सिरकोतंगा, पुहपुटरा, गुमगरा कला, भरतपुर, बिनकरा, गणेशपुर, कोलयार टीकरा, लहपट्रा, पल्गानी और आस-पास के गाँवों से आए किसानों ने बताया कि वर्ष 2025 में धान बेचने को लेकर उनमें उत्साह था, लेकिन सरकारी तंत्र की लापरवाही ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
किसानों की मुख्य शिकायतें हैं:
रकबा कम दर्ज होने से भारी नुकसान: किसानों ने बताया कि गिर्दावरी (भूमि सत्यापन) में भारी त्रुटियाँ सामने आई हैं। जहाँ पहले उनका पूर्ण कृषि रकबा दर्ज था, वहीं इस वर्ष सिस्टम में रकबा अचानक कम दिखाया जा रहा है। किसानों का सीधा आरोप है, “ज़मीन वही है, लेकिन सिस्टम में रकबा कम दिखाकर हमारा धान खरीदी का लक्ष्य घटा दिया गया है, जिससे सीधा आर्थिक नुकसान हो रहा है।”
DSC-RC सत्यापन में तकनीकी बाधा: पंजीकरण की अनिवार्य प्रक्रियाएँ जैसे DSC (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) और RC सत्यापन बार-बार तकनीकी खराबी के कारण विफल हो रही हैं। इसके अलावा, Agree-Stack पोर्टल में गड़बड़ी के चलते अप्रूवल और अपडेट लंबे समय से रुका हुआ है।
सोसायटी और तहसील के अंतहीन चक्कर: किसानों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सोसायटी उन्हें तहसील भेज रही है और तहसील उन्हें वापस सोसायटी भेज रही है। इस प्रशासनिक भटकाव में उनका समय, पैसा और श्रम लगातार बर्बाद हो रहा है।
चक्का जाम की चेतावनी, ज्ञापन सौंपा
किसानों ने साफ़ शब्दों में चेताया कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान समय पर नहीं किया गया, तो वे आगामी 27 नवंबर को NH-130, लहपट्रा गांधी चौक के पास एकजुट होकर चक्का जाम करेंगे।
यह आंदोलन धर्मेंद्र झरिया (पूर्व जनपद सदस्य, वर्तमान जनपद सदस्य प्रतिनिधि) और सूरज सिंह पैकरा (पूर्व सरपंच, पल्गनी) के नेतृत्व में किया जाएगा। किसानों ने बताया कि उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन आज तहसील कार्यालय, लखनपुर में सौंप दिया है और इसकी प्राप्ति रसीद भी ले ली है।
तहसीलदार और SDM ने दिलाया निराकरण का भरोसा
किसानों की भारी भीड़ और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए तहसीलदार ने मौके पर ही तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिया। तहसीलदार ने कहा कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाएगा और तकनीकी समस्याओं को हल करने के लिए विशेष टीम तैनात की जा रही है। उन्होंने संबंधित सोसायटियों को भी तत्काल पंजीयन त्रुटियों को सुधारकर तुरंत अपडेट करने के निर्देश जारी करने की बात कही।
इस संबंध में SDM वन सिंह नेताम जी से बात करने पर उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि पोर्टल में अप्रूवल या अन्य तकनीकी खामी होगी, तो उस पर जल्दी से कार्य कराया जाएगा और किसानों को कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
किसानों की ओर से धर्मेंद्र झरिया, सूरज सिंह पैकरा, राजेश पैकरा (सरपंच, लहपट्रा), लक्ष्मण रजवाड़े, कैलाश साहू, सुरेंद्र झरिया, भरत यादव, उदय सिंह और सैकड़ों की संख्या में किसान उपस्थित रहे। ग्रामीण अब इस उम्मीद में हैं कि प्रशासन के आश्वासन के बाद शायद उनकी समस्याओं का समाधान जल्द हो सकेगा।





