अध्यात्म

ऐतिहासिक पल: 161 फीट ऊंचे राम मंदिर शिखर पर पीएम मोदी ने फहराया सूर्य,ऊँ और कोविदार वृक्ष से अंकित ‘केसरिया धर्म ध्वजा’

अयोध्या । रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद, मंदिर निर्माण के संपूर्ण होने की घोषणा करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर केसरिया धर्म ध्वजा फहराई। इस ध्वजारोहण के साथ ही पूरी राम नगरी भक्ति, उत्साह और अलौकिक वैभव में डूब गई।

केसरिया ध्वज: त्याग, वीरता और रामराज्य का प्रतीक

161 फीट ऊंचे शिखर पर फहराया गया यह केसरिया धर्म ध्वज सनातन मूल्यों, त्याग, धर्मनिष्ठा और रामराज्य के आदर्शों का प्रतीक है।
धर्म ध्वजा की विशिष्टताएँ:

आयाम: ध्वज की लंबाई 20 फीट और चौड़ाई 10 फीट है, जिसे 42 फीट ऊंचे ध्वजदंड पर फहराया गया।

निर्माण: यह विशेष ध्वजा गुजरात की एक पैराशूट निर्माण कंपनी द्वारा मात्र 25 दिनों में टिकाऊ पैराशूट-ग्रेड कपड़े और प्रीमियम सिल्क के धागों से तैयार की गई है। यह 60 किमी/घंटा तक की हवा, बारिश और धूप का सामना करने में सक्षम है।

पवित्र चिह्न: ध्वज पर तीन मुख्य पवित्र चिह्न अंकित हैं, जो इसे अत्यंत खास बनाते हैं:

सूर्य: तेजस्वी सूर्य की छवि भगवान श्री राम की प्रतिभा और वीरता तथा विजय का प्रतीक है।
ऊँ (ॐ): सभी मंत्रों का प्राण माना जाने वाला यह चिह्न, संपूर्ण सृष्टि का प्रतिनिधित्व करता है।
कोविदार वृक्ष: यह रघुवंश की परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण प्रतीक है। वाल्मीकि रामायण में भी भरत के ध्वज पर इसका वर्णन मिलता है, जो सूर्यवंश के राजाओं का सदियों पुराना चिह्न रहा है।

पीएम मोदी का अयोध्या दौरा और पूजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह करीब 10 बजे अयोध्या पहुंचे, जहां हजारों लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। ध्वजारोहण से पहले, पीएम मोदी ने राम दरबार और गर्भगृह में रामलला के दर्शन किए और मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की।

इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान उनके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। शहर में वीवीआईपी लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

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