शादी के दबाव में हत्या: नाबालिग प्रेमी ने गला घोंटा, तीन माह बाद चिरगा जंगल से मिला किशोरी का कंकाल..

अंबिकापुर । अंबिकापुर में प्रेम-प्रसंग के चलते एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ अपनी नाबालिग प्रेमिका द्वारा शादी का दबाव बनाने से नाराज़ एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग प्रेमी) ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना के लगभग तीन महीने बाद, आरोपी की निशानदेही पर चिरगा पहाड़ के जंगल में नाले से किशोरी का कंकाल और कपड़े बरामद किए गए हैं।
सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र की एक किशोरी अंबिकापुर के पटपरिया इलाके में किराए के मकान में रहकर अपनी पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसका परिचय लुंड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम ससौली निवासी एक नाबालिग लड़के से हुआ। दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत होती थी और धीरे-धीरे यह संबंध प्रेम-प्रसंग में बदल गया। प्रेमी का किशोरी के किराए के कमरे में आना-जाना भी था। दिनांक 04 अगस्त 2025 को किशोरी अपने कमरे से रहस्यमय ढंग से गायब हो गई, जिसके बाद परिजनों ने दिनांक 10 सितंबर 2025 को थाना गांधीनगर में गुम इंसान रिपोर्ट (क्रमांक 80/25) दर्ज कराई। परिजनों ने शंका जाहिर की थी कि उनकी नाबालिग लड़की को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला फुसलाकर ले गया है। इस रिपोर्ट पर पुलिस ने गुम इंसान कायम कर अपराध क्रमांक 527/25 धारा 137(2) बी.एन.एस. के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।
पुलिस टीम द्वारा गुम नाबालिग के संबंध में लगातार पता तलाश की जा रही थी। साइबर सेल से तकनीकी जानकारी प्राप्त कर पुलिस ने गुम नाबालिग से लगातार संपर्क में रहे विधि से संघर्षरत बालक को पकड़कर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दोनों के बीच प्रेम संबंध था, लेकिन बाद में नाबालिग बालिका उस पर लगातार शादी का दबाव बनाने लगी। दिनांक 03 अगस्त 2025 को किशोरी ने प्रेमी को फ़ोन कर मिलने आने और शादी करने की बात बोली, साथ ही शादी नहीं करने पर पुलिस में रिपोर्ट करने की धमकी भी दी। इस दबाव और धमकी से नाराज़ होकर विधि से संघर्षरत बालक द्वारा नाबालिग को मारकर चिरगा पहाड़ में फेंक देने की योजना बनाई गई।
योजना के अनुसार, विधि से संघर्षरत बालक दिनांक 04 अगस्त 2025 को नाबालिग बालिका को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर घूमने के बहाने बतौली थाना क्षेत्र के बुढ़ाआमा पिकनिक स्पॉट ले गया। वापसी के दौरान वह उसे बतौली चिरगा पहाड़ जंगल की तरफ ले गया, जहाँ मोटरसाइकिल खड़ी करके दोनों नाले के पत्थर के बांध की तरफ गए। वहाँ आरोपी ने नाबालिग प्रेमिका का गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद, उसने शव को बांध के कोने में एक गड्ढे में डालकर ऊपर से बहुत सारे पत्थर डालकर छिपा दिया। उसने मृतिका के लेडीज बैग और कपड़ों को भी शव के साथ ही अंदर डाल दिया था। आरोपी ने किशोरी के मोबाइल को अपने पास रख लिया और उसके सिम को रास्ते में कहीं फेंक देने के बाद, उस मोबाइल में अपने पिताजी के नाम पर नया सिम लेकर लगाना और चलाना बताया। हत्या के बाद आरोपी सामान्य तरीके से अपने घर लौट आया।
गुमशुदगी की रिपोर्ट के लगभग तीन महीने बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कार्रवाई की। विधि से संघर्षरत बालक की निशानदेही पर एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की अनुमति से चिरगा पहाड़ जंगल के पास नाला के पास स्थित गड्ढे से पत्थर हटाए गए, जहाँ से गड्ढे से बैग, कपड़ा सहित मानव कंकाल मिला। शव इतने समय में कंकाल में तब्दील हो चुका था। परिजनों द्वारा बरामद सामानों से कंकाल की पहचान अपहृता के रूप में की गई। पुलिस टीम ने तत्काल मर्ग कार्यवाही कर पंचनामा पश्चात कंकाल को पीएम हेतु भेजा। विवेचना के दौरान मामले में धारा 103(1) बी.एन.एस. (हत्या) का अपराध घटित होना पाए जाने पर यह धारा जोड़ी गई। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल एवं मोबाइल जप्त कर लिया है और गंभीर अपराधों में लगातार सख्त कार्यवाही करते हुए विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर माननीय किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाता है।
कार्यवाही में शामिल पुलिस टीम:
सम्पूर्ण कार्यवाही में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सीतापुर राजेंद्र मंडावी, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार कृष्णा कवर, थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रदीप जायसवाल, उप निरीक्षक संजय नाथ तिवारी, सहायक उप निरीक्षक संजय गुप्ता, प्रधान आरक्षक मेबीस ज्योत्स्ना, महिला आरक्षक मेरी क्लोरेट, आरक्षक अरविन्द उपाध्याय, विकास सिंह, ऋषभ सिंह, कुंदन पाण्डेय, घनश्याम देवांगन, एडवर्ड, रवि सिंह, विजय सिंह, विकास एक्का सक्रिय रहे।


