अम्बिकापुर

सरगुजा में एलुमिना प्लांट में हॉपर गिरा, .4 मजदूरों की मौत , कुछ की हालत गंभीर, तीन मजदूरों के दबे होने की आशंका


महेश यादव
सरगुजा जिले में एक बड़ा हादसा हो गया है, जिससे दो मजदूरों की की मौत हो गई, जबकि 2 की हालत गंभीर है। सरगुजा में मां कुदरगढ़ी एलुमिना प्लांट में यह हादसा कोयले से लोड हॉपर और करीब 150 फीट बेल्ट गिरने से हुआ, जिसमें 8-10 मजदूर दब गए हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। दोपहर 12.30 बजे तक पांच मजदूरों के बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेजा गया। हॉपर के नीचे अभी भी चार मजदूरों के दबे होने की जानकारी दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, मां कुदरगढ़ी एलुमिना प्लांट में सुबह करीब 11 बजे काम के दौरान कोयला लोड हॉपर नीचे गिर गया। हॉपर से ब्रायलर तक कोयला ले जाने वाली बेल्ट भी फ्रेम सहित नीचे गिर गई। हादसे के दौरान मौके पर काम कर रहे 8 से 9 मजदूर हॉपर एवं कोयले में दब गए।
मची अफरातफरी, निकाले गए पांच मजदूर

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्लांट में काम करने वाले मजदूरों ने हाइड्रा व जेसीबी सहित मशीनों से मलवा हटाकर दबे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पांच मजदूरों को बाहर निकाला गया। उन्हें आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल अंबिकापुर एंबुलेंस से भेजा गया जहां दो मजदूरों को डॉक्टर निर्मित घोषित कर दिया वही तीन मजदूरो की हालत अत्यंत गंभीर बताई गई है।

रेस्क्यू का काम जारी, हटाया जा रहा मलवा

घटना की सूचना पर रघुनाथपुर चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह की टीम मौके पर पहुंची। कंपनी के प्लांट में हाइड्रा व जेसीबी मंगाकर एवं गैस कटर से लोहे को काटकर मलवा हटाया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मलबे में तीन से चार मजदूर दबे हुए हैं, जिन्हें निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
घटना से एलुमिना प्लांट में हड़कंप मचा हुआ है। एलुमिना प्लांट का संचालन मां कुदरगढ़ी एलुमिना प्लांट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाता है। प्लांट का आसपास के ग्रामीणों ने भारी विरोध किया था, जिसके कारण यह चर्चा में आया था। प्लांट में मैनपाट से लाए गए बाक्साइट का परिशोधन कर एलुमिना बनाया जाता है।

लापरवाही के कारण गिरा हॉपर

बताया गया है कि कोयला लोड जो हॉपर गिरा है, उसमें पहले भूसा भरा जाता था एवं भूसे से प्लांट का ब्रायलर चलता था। 01 सितंबर से इस हॉपर में कोयला डाला जाने लगा एवं कोयले से ब्रायलर चलाया जा रहा था। हॉपर भूसा भरने की क्षमता के हिसाब से बनाया गया था, जबकि कोयला भरे जाने से हॉपर ओव्हरलोड हो गया एवं वजन नहीं संभाल पाने के कारण गिर गया।
अभी प्राप्त जानकारी के मुताबिक और दो मजदूरों ने इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दम तोड़ दिया इस प्रकार मृतको की कुल संख्या चार हो गई है एवं एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

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