लखनपुर

अमेरा खुली खदान से बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी,शिकायत के बाद पुलिस टीम ने जप्त किया बड़ी मात्रा में कोयला ,जप्त कोयला थाना न पहुंच ईट भट्ठों में पहुंचा ,कोल माफिया और पुलिस के साठ गांठ से बड़े पैमाने पर कोयला चोरी कर खपाया जा ईट भट्ठों में,एसईसीएल प्रबंधन और पुलिस एक-दूसरे को ठहरा रहे जिम्मेदार

लखनपुर । सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अमेरा खुली खदान से कोल माफिया पुलीस से साठ गांठ कर खेत में तौल मशीन लगाकर ग्रामीणों से कोयला खरीदकर ईट भट्ठों में खपाया जा रहा है। अमेरा खदान से कोयला चोरी की शिकायत की गई। सहायक उप निरीक्षक नेतराम पैकरा , संदीप सिंह,प्रधान आरक्षक मुक्तिलाल तिर्की, विजयराज सिंह,अहिशंकर आयाम, आरक्षक मुनेश्वर, ,बंदे शिकायत उपरांत पुलिस टीम अमेरा खदान के दुसरे छोर ग्राम कटकोना पहुंची और बड़ी मात्रा में कोयला जप्त किया। जप्त कोयला को लखनपुर थाना ले जाने बड़ी संख्या में ट्रैक्टर वहां मांगये गए। उक्त ट्रैक्टर वाहनों में जब तक कोयले को ग्रामीणों की मदद से लोड किया गया परंतु कोयला लोड ट्रैक्टर को लखनपुर थाना ना लेजाकर उक्त जप्त कोयले को क्षेत्र में संचालित ईट भट्ठों में बेचकर गाढ़ी कमाई की गई। कोल माफिया के द्वारा ग्रामीणों की मदद से अमेरा खदान से महज सौ मीटर दूर खेत में कोयला इक्कठा कर दो पहिया,चार पहिया ,छह पहिया वाहनों में अवैध कोयला परिवहन कर क्षेत्र के ईट भट्ठे सहित कई जिले में खपाने का कार्य कोल माफियाओं किया जा रहा है। अवैध कोयला उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने एसईसीएल अमेरा और प्रशासन नाकाम नजर आ रही है। यही नहीं कोल माफिया द्वारा घुनघुट्टा नदी किनारे खड्डे खोदकर खदान संचालित कर रहे हैं। और वहां से निकलने वाला कोयला कई ईंट भट्ठों में भेजा जा रहा है। अमेरा खदान छेत्र से हर रोज कम से कम बीस से तीस टन कोयला निकल रहा है। इसकी शिकायत एसईसीएल ने पुलिस थाने में की है, लेकिन पुलिस का कहना है हम कोयला चोरी करने वालों को भगाते हैं लेकिन क्या करें। उन्हें इसकी शिकायत प्रशासन से भी करना चाहिए। जबकि हकीकत यह है कि माफियाओं के दबाव में अफसर या पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। प्रतिदिन कम से कम लाखो रूपए का कोयला यहां से पार हो रहा है। अमेरा कोयला खदान का ग्रामीणों ने विस्तार को रोक दिया इस पर एसईसीएल और ग्रामीणों का बीच हमेशा विवाद होता रहता है। कोल माफियाओं द्वारा आसपास के ग्रामीणों के माध्यम से इस खदान के आसपास एसईसीएल और अधिग्रहण की गई जमीन घुनघुट्टा नदी किनारे से सैकड़ों की संख्या में मजदूरों को लगाकर कोयला खनन करा रहे हैं। यहां तालाब नुमा अवैध कोल माइंस में मजदूर पूरे दिन भर कोयला का खनन करते हैं और रात में माफिया वाहनों से भट्ठों में कोयला लेकर जाते हैं। इतना ही नहीं कई जगह तो दूरी कम होने पर ग्रामीण ही बाइक और साइकिल में कोयला को बोरों में भरकर पहुंचाते हैं। इसके बदले ग्रामीणों को माफिया प्रति बोरी 200 सौ रुपए देते हैं और एक व्यक्ति सात से 10 बोरा पहुंचा देता है। हद तो यह है कि कोल माफिया हर साल नदी किनारे खनन कराते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है। क्षेत्र के जानकार बताते हैं कि कोल माफियाओं पर कार्रवाई इसलिए नहीं होती है क्योंकि माफिया अपनी कमाई का एक हिस्सा जिम्मेदारों तक भी पहुंचा देते हैं। जिन्हें इस पर रोक लगाना है। कोल माफिया ने नदी किनारे कोयला निकालने के लिए हजारों की संख्या में खड्डे बना दी हैं। जिसमें अभी पानी भरा हुआ है।

आरक्षक से लेकर अधिकारियों तक पैसा कमाने चल रही प्रतिस्पर्धा

लखनपुर थाना क्षेत्र में आरक्षक से लेकर अधिकारियों तक पैसा कमाने प्रतिस्पर्धा चल रही है। कोयला चोरी की शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर तो पहुंचती है परंतु धरातल पर कार्यवाही शून्य नजर आती है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला शुक्रवार को जहां एसईसीएल अमेरा के सब एरिया के द्वारा कोयला चोरी की शिकायत लखनपुर थाने में की गई। सूचना मिलने उपरांत पुलिस टीम मौके पर पहुंची और खेत से लावारिस हालत में बड़ी मात्रा में कोयला जप्त किया। पुलीस टीम द्वारा जप्त कोयले को थाने ना लाकर उक्त जप्त कोयले को ट्रेक्टर वाहन से ईट भट्ठे में बेचकर गाड़ी कमाई कर ली गई। इस संबंध में लखनपुर थाना के अधिकारियों से बात करने पर गोल-मोल जवाब दिया जा रहा है।

एस डी एम बी आर खांडे

इस संबंध में लखनपुर एसडीएम बि आर खांडे से चर्चा करने पर उनके द्वारा कहा गया कि अवैध कोयला उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने टीम बनाकर राजस्व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि कोयला चोरी नहीं रुकती है तो खनिज विभाग और राज्स्व विभाग की सयुक्त टीम बनाकर कार्यवाही की जाएगी।

थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी शुभम तिवारी

इस संबंध में लखनपुर थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी से बात करने पर उनके द्वारा कहा गया कि मैं बाहर हूं इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है।

प्रभारी थाना उप निरीक्षक एल आर चौहान

इस संबंध में प्रभारी थाना उपनिरीक्षक एल आर चौहान से बात करने पर उनके द्वारा कहा गया कि मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। स्टाफ से बात की जा रही है। उसके बाद बताता हु।

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