गर्भ गृह मे भगवान राम की प्रतिमा स्थापित.. विधि विधान से शुभ मुहूर्त में मूर्ति स्थापित… 22 जनवरी को होगी प्राण प्रतिष्ठा


अयोध्या नगरी में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। सात दिनों तक होने वाले इस अनुष्ठान का आज तीसरा दिन है, आज 18 जनवरी को भगवान रामलला की प्रतिमा मंदिर के गर्भगृह में स्थापित की गई जहां उन्हें उनके सिंहासन पर विराजमान किया गया।
बता दें कि, इससे पहले रामलला की प्रतीकात्मक मूर्ति की जलयात्रा और विभिन्न पूजन के बाद राम मंदिर में लाया गया। मूर्ति को क्रेन की मदद से अंदर लाने से पहले गर्भगृह में विशेष पूजा की गई।
श्री राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने मीडिया चैनलों से बताया कि, मूर्ति को अंदर लाने से पहले गर्भगृह में एक विशेष पूजा आयोजित की गई थी, मूर्ति को एक क्रेन की मदद से मंदिर में लाया गया। मंदिर के गर्भगृह में श्रीरामलला का सिंहासन तैयार किया गया है, जिसकी ऊँचाई 3.4 फ़ीट ऊंची। इस सिंहासन पर भगवान के बाल स्वरुप की खड़ी प्रतिमा को विराजमान किया जाएगा, जहां भक्त अपने भगवान के दर्शन कर सकेंगे।
जानकरी के लिए बता दें कि, आज भगवान रामलला की विशेष पूजा होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आज गुरुवार 18 जनवरी को मुहूर्तानुसार प्रधान संकल्प, गणेशाम्बिका पूजन, वरुण पूजन, चतुर्वेदोक्त, पुण्याहवाचन, मातृकापूजन, सोर्धारापूजन, आयुष्मंत्रजप, नांदीश्राद्ध, आचार्यादिऋत्विग्वरण, मधुपर्क पूजन, मंडप प्रवेश, दिग्रक्षण, पंचगव्यप्रोक्षण, मंडपांग्वास्तुपूजन, वास्तुबलिदान, मंडपसूत्रवेष्टन, दुग्धधारा, जलधाराकरण, षोडशस्तंभपूजनादि, मंडपपूजा, जलाधिवास, गंधादिवास सांय पूजन और आरती होगी।




