प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय बलरामपुर में शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का किया गया सम्मान

बलरामपुर- आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर प्रोजेक्ट के अन्तर्गत शिक्षक दिवस के उपलक्ष में ‘‘ स्वर्णिम भारत के लिए नई शिक्षा नीति‘‘ पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा 05 सितम्बर 2022 के संध्या 5.00 बजे, बलरामपुर में हनुमान मंदिर के पास शिक्षकों के लिए संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें ब्रह्माकुमारीज द्वारा बलरामपुर के शासकीय एवं निजी विद्यालयों के कर्मठ, समर्पित व कर्तव्यनिष्ठ आदरणीय शिक्षकों का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ परमात्मा की स्मृति एवं दीप प्रज्जलन, तिलक, बेज, गुलदस्ता तथा स्वागत गीत द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ हिन्दी मीडियम स्कूल के प्राचार्य श्री चन्द्रशेखर गुप्ता जी, सरस्वती शिशु मंदिर उ0मा0वि0 के प्राचार्य श्री सम्भुनाथ मिश्रा जी, बागदेवी पब्लिक स्कुल से श्री एच0एल0 पटवा जी एवं प्रधानपाठक प्रेमचन्द सिंह जी एवं संस्था के बहुत सारे भाई एवं बहने उपस्थित थे। प्राचार्य श्री चन्द्रशेखर गुप्ता जी ने कहा कि जीवन में सभी के लिए दिन-रात का समय बराबर है, उसी समय को श्रेष्ठ कार्य के लिए निकालना चाहिए। जिसमें जीवन सफल बन जायें। उन्होनें आध्यात्मिकता की ओर रूझान देते हुए कहा कि हम सभी शिक्षकों को भी आध्यात्मिकता से जुड़ना चाहिए। प्राचार्य सम्भुनाथ मिश्रा जी ने डाॅ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का परिचय देते हुए बोले कि वर्तमान समय में उपयोग किये जाने वाले मोबाईल वरदान और अभिशाप दोनों है। यदि इनका सद्पययोग करें तो वरदान है और इनका दुरूपयोग करें तो अभिशाप है। प्रधानाचार्य श्री विनय कुमार पाठक जी ने संस्था का सराहना करते हुए बोले कि ईश्वरीय विश्व विद्यालय में आकर मुझे बहुत ही हर्ष हो रहा है। बलरामपुर सेवाकेन्द्र के संचालिका ब्र0कु0 संजू दीदी जी ने सभी शिक्षकों का शिक्षक दिवस के अवसर पर बधाई देते हुए बोले कि आज के बच्चे ही देश के भविष्य है, जिन बच्चों के अन्दर ज्ञान का सिंचन कर उनके व्यक्तित्व का विकास करने वाले आप सभी शिक्षक-गुरूजन ही मुख्य आधार हैं। उन्होनें आगे कहा कि किसी भी विद्यार्थी के भविष्य निमार्ण में एक शिक्षक का बहुत बड़ा योगदान रहता है। किसी भी व्यक्ति आज जो भी पद-पोजीशन में हैं उस पर एक शिक्षक का बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका रहता है। उन्होनें आगे कहा कि वर्तमान में समय में बड़े-बड़े मकान, अस्पताल एवं स्कूल-काॅलेज बनते जा रहे हैं परंतु उस मकान में सुख-शांति का अभाव, अस्पताल में अच्छे चिकित्सा सुविधा का अभाव एवं स्कूल-काॅलेजों के बच्चों के अंदर में अच्छे संस्कारों का अभाव होते जा रहें हैं। बागदेवी पब्लिक स्कूल से श्री एच0एल0 पटवा जी कहा कि आज के मनुष्यों पद, प्रतिष्ठा तो प्राप्त कर लिये हैं परन्तु जीवन में गुणों के मूल्यों का अभाव होेने के कारण लोगों के अन्दर आंतरिक विकास नहीं होने पा रहा है। रामानुजगंज के संचालिका ब्र0कु0 उमा बहन ने शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए कुछ पंक्ति सुनाये जिससे सभी शिक्षक बहुत ही गर्वान्वित महसुस किए। प्रधानपाठक श्री प्रेमचन्द सिंह जी कहा कि हम शिक्षक एक दर्पण के समान हैं। जिनके व्यक्तित्व से बच्चों का भविष्य दखाई देता है। इसलिए हम शिक्षकों का फर्ज है कि हम सभी को नशा मुक्त, ईमानदारी, आज्ञाकारी गुण को धारण करना है। माननीय अतिथियों को ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा श्रीफल, स्लोगन तथा तीन रंगों की श्रद्धा सम्पन्न पट्टिका पहनाकर 25 शिक्षकों का सम्मान किया गया एवं संस्था से जुड़े भाई-बहनों का भी सम्मानित किया गया। तथा सभी को 7 दिवसीय शिविर के बारे में बताया गया।





