उदयपुर

छात्रावास भवन निर्माण में लगे मजदूरों और मटेरियल सप्लाई में लगे वाहनों का ठेकेदार ने नही किया भुगतान , 5 लाख से अधिक का बकाया पाने दर दर भटकने मजबूर हुए मजदूर..रुपयों का इंतजाम करने की बजाय मोबाईल पर बात करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा ठेकेदार

उदयपुर-: विकासखंड उदयपुर अंतर्गत आने वाले ग्राम लक्ष्मणगढ़ में आरईएस विभाग द्वारा लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से बालक छात्रावास भवन का निर्माण ठेकेदार के माध्यम से किया जा रहा है ।
उक्त निर्माण कार्य में लगे मजदूरों एवं सामग्री ढुलाई में लगे ट्रैक्टर व अन्य वाहनों के भुगतान नहीं होने से विवाद की स्थिति लगातार निर्मित हो रही है ठेकेदार द्वारा रुपयों की व्यवस्था करने की वजह है मोबाइल पर बात करने से जान से मारने की धमकी तक दी जा चुकी है इस बारे में अधिकारी कर्मचारियों से बात करने पर भी मजदूरों को एवं ट्रैक्टर मालिकों को कोई राहत नहीं मिली है।
काम प्रारंभ होने के वक्त शुरूवात ठेकेदार द्वारा नाम मात्र की राशि का मजदूरी भुगतान किया जाकर स्थानीय मजदूरों व मिस्त्री से काम कराया जाता रहा।
छात्रावास भवन निर्माण में जुलाई 2021 से प्रतिदिन लगभग चालीस की संख्या में लोग शामिल हो रहे थे। वर्तमान में 14 -15 मजदूरों द्वारा काम किया जा रहा था ।
उक्त कार्य में लगे मजदूरी भुगतान और सामग्री ढुलाई में लगे वाहनों का बकाया शेष है । आधा दर्जन वाहन मालिकों का लाखों रुपयों का बकाया शेष है। वर्तमान में भवन डोर लेबल तक बन कर तैयार है।
लम्बे समय तक भुगतान नही मिलने और ठेकेदार के आश्वासनों से नाराज लोगों ने अंततः थाना में इसकी शिकायत दी परन्तु यहाँ भी इन्हें निराशा ही हाथ लगी है। पुलिस द्वारा धारा 155 का फैना काटकर न्यायालय की शरण में जाने की राय दी गई है।
वाहन मालिक और मजदूरों के द्वारा बार-बार ठेकेदार से पैसे की मांग किए जाने के बाद अब गाली गलौज और खुलेआम बंदूक से जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है जिसका ऑडियो वायरल हो रहा है।
करोड़ों रुपए की लागत से बनने वाली इस छात्रावास के भवन में काम करने वाले मजदूर विक्रांत, गोकुलदास , मनोज, कपिल, महेश यादव, गीतेश, अर्जुन, राजू, बबन, सहदेव, आशाराम, संजय, बंधन, भुवन दास, सुशील, सनीदेवा, संजय, अकालू, केश्वर, अनिल, बिंदेश्वर, गेडाराम, सुखदेव, सुशील, सोभनाथ, विनोद, अर्जुन जीवन सहदेव भीम सिंह जवाहिर और धनेश्वर सहित आसपास गांव के अन्य मजदूर भी काम किए है जिनका भी मजदूरी भुगतान लंबित है।
मजदूरी भुगतान नहीं होने से लोगों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों से समस्या को लेकर कई बार गुहार किए जाने के बावजूद भी ध्यान नहीं दिए जाने से मजदूरों और वाहन मालिकों में काफी आक्रोश है। मजदूरों ने निर्णय लिया है जब तक मजदूरी भुगतान नहीं होगा काम बंद रहेगा।
वाहन मालिकों के समक्ष वाहनों का किस्त भरने सम्बन्धी गम्भीर संकट उत्पन्न हो गया है ।
गाड़ी मालिकों ने संबंधित इंजीनियर एसडीओ से भी मदद लेने की कोशिश की परंतु समस्या का समाधान अब तक नहीं हो सका।

इस बारे में बात करने पर RES एसडीओ शैलेंद्र भारती ने बताया ठेकेदार के द्वारा बिल लगाने बाद बीस लाख से अधिक का भुगतान कर दिया गया है फिर भी मजदूर और वर्किंग वाहनों का भुगतान नहीं किया है तो गलत बात है।


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