सूरजपुर

रेड नदी किनारे  बनाए जा रहे करोड़ों का कन्या छात्रावास बना चर्चा का विषय

भैयाथान। मुख्यालय अंतर्गत ग्राम पासल में बन रहे कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य शुरू होते ही विवादों में घिरते नजर आ रहा है। ट्राईबल विभाग के निगरानी में लगभग दो करोड़ लागत राशि से बनने वाला यह भवन निर्माण स्थल को लेकर इन दिनों चर्चा में है। लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर इस भवन का निर्माण कराया जा रहा है वह रेण नदी के किनारा से महज कुछ ही मिटर पर है जिसके कारण बरसात के दिनों में उफान पर रहने वाली रेण नदी इस भवन को कभी भी छति पहुंचा सकती है साथ ही जिस स्थान पर यह छात्रावास् का निर्माण कराया जा रहा है वह सुनसान इलाके के साथ-साथ घने जंगल के भी काफी समीप है वहीं जिन छात्रों के रहने के लिए यह भवन बनवाया जा रहा है उनके परिजनों का कहना है कि यह छात्रावास कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल से भी काफी दूर है छात्राओं को यहां से पैदल विद्यालय जाने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। वहीं सूत्रों का कहना है कि इस भवन का निर्माण कराने के लिए अनयंत्र स्थान को चयनित किया गया था पर किन कारणों से स्थान में परिवर्तन किया गया यह तो जिम्मेदार अधिकारी ही बता पाएंगे।

भवन निर्माण में लापरवाही

जहां एक ओर निर्माण स्थल को लेकर यह भवन लोगों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है , वहीं ठेकेदार पर घटिया निर्माण कराने के भी आरोप लग रहे हैं। भवन निर्माण के दौरान उपस्थित प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस छात्रावास भवन का जो निव स्तर का कार्य कराया गया है वह काफी घटिया व निम्न स्तर का है ग्रामीणों ने आगे कहा कि नदी किनारे बन रहे इस भवन का जब बुनियाद ही कमजोर है तो निर्माण पूर्ण हो जाने पर भवन का क्या हाल होगा?

जानकारों ने कहा

वहीं इस मामले में निर्माण विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया की नदी, नालों के किनारे बनने वाले भवनों की नींव को काफी मजबूती प्रदान करनी पड़ती है अगर नीव को कमजोर बनाया गया तो नदी में जल भराव होने पर कटाव होने की संभावना बनी रहती है, कटाव होने पर भवन को काफि छती भी पहुंच सकती है।
इस संबंध में ट्राईबल विभाग के एसडीओ राजीव पाठक का कहना है कि नदी किनारे बन रहे इस भवन को किसी प्रकार की छति न पहुंचे उसके लिए उचित व्यवस्था करते हुए भवन के चारो ओर बाउण्ड्रीवाल का निर्माण कराते हुए सुरक्षा प्रदान किया जाएगा। हालांकि अधिकारी भी इस बात से सहमत हैं कि इस भवन के लिए यह उपयुक्त स्थान नही है।

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