सूरजपुर

खोपा मे स्थित रेड़ नदी से अवैध तरीके से रेत माफियाओं द्वारा रेत निकालने के विरुद्ध आमसभा

लालचंद शर्मा हिंद शिखर न्यूज भैयाथान।  भैयाथान विकासखंड के देखते ही बनता है । साथ मे क्षेत्र में बड़ी दुर्घटना कभी भी होने का आमंत्रित रेत माफियाओं के द्वारा किया जा रहा है जिस तरह से रेत उत्खनन हो रहा उससे अंदाजा लगाया जा क्योंकि सड़क का हाल साथ मे ट्रकों के चलने से उड़ते धूल ग्रामीणों के साथ साथ राहगीरों को परेसान कर रहे हैं।

प्रतिदिन नदी पर पोकलेन एवं जेसीबी का उपयोग ऐसे हो रहा है जैसे यह क्षेत्र सिर्फ रेत उठाव के लिए ही बना हो । साथ मे बड़ी बड़ी गाड़ियां और बाहर के लोगो के चलते और भी तरह की आशंका बनी हुई है ।

इन सब के बीच ग्रामवासियों को अगर रेत अपने छोटे मकान बनाने के लिए चाहिए तो प्रशासन की पकड़ बहुत मजबूत है और कार्यवाही तुरत लेकिन अब ये अफसर साही लोग कहा गए कब आएंगे ये देखना दिलचस्प होगा।
लेकिन इन सब चीज़ों से परे ग्राम के विकास के नाम पर बना सड़क सिर्फ माफियाओं के लिए रह गया है ।
ग्राम पंचायत खोपा एक देव स्थल के रूप पर पूरे क्षेत्र में आश्था का केंद्र है और यहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है । लेकिन उन्हें भी इस रेत उठाव का सामना बड़े बड़े ट्रकों और उनसे उड़ने वाली धूल से होता है ऐसे में सवाल यह है कि अगर कुछ दुर्घटना होता है तो इसकी जवाबदारी किसकी होगी प्रशासन या रेतमाफियों की इसका जवाब क्ष्रेत्र का हर जनमानस जानना चाहता है क्योंकि ट्रकों की संख्या सैकडों में है ।

ठेकेदार की रंगदारी ऐसे की अगर किसी को रेत की जरूरत पडने पर ठेकेदार से आदेश मांगना पड़ता है और ठेकेदार द्वारा सिर्फ धमकी दिया जाता है

प्रशासन के द्वारा किस रूप में ठेका किया गया और क्यों किया गया इस विषय पर ग्रामवासी अभी तक की अनभिज्ञ है ग्राम वासियों का कहना है आज तक ग्राम सभा से ठेके के लिए प्रस्ताव नहीं दिया गया है

ग्राम वासियों का कहना है हमारे पंचायत में अगर ठेका हुई है इसे निरस्त किया जाए ताकि हमारे इस नदी का रेत यथावत रहे और जल स्तर का संकट ना हो

आज रेत उत्खनन के विषय में किसी भी अधिकारी के पास जनता जाती है तो उस विषय पर अधिकारियों के द्वारा चुप्पी साध लिया जाता है और उन्हें वापस भेज दिया जाता है आवेदन पर कोई सुनवाई नहीं की जाती, चाहे वह उच्च अधिकारी हो, चाहे खनिज विभाग के अधिकारी हो, पुलिस प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी हो,जनता पर ही दबाव देती है उन्हे नियम का पाठ पढ़ाने लगती है रेत उत्खनन में सारे कर्मचारी अधिकारी एवं पुलिस प्रशासन लीन है इसमें ऊपर से लेकर नीचे तक की मिली भगत का अनुमान लोगो के द्वारा लगाया जा रहा है

ग्राम वासियों के द्वारा कलेक्टर सूरजपुर को दो बार आवेदन दिया गया परंतु उसमें कलेक्टर महोदय द्वारा कोई सुनवाई नहीं किया गया

खोपा से महज 5,7 किलोमीटर दूर विधायक माननीय पारस नाथ राजवाड़े (संसदीय सचिव) का घर है और इस रास्ते से उन्हें रोजाना आना जाना लगा रहता है फिर भी वह देखते हुए भी चुप्पी साधे बैठे हैं इससे साफ स्पष्ट होता है कि विधायक जी भी इस मुहिम में सलग्न है

इस बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व गृह मंत्री रामसेवक पैकरा ,भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामकृपाल साहू जिला अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल ,राजीव प्रताप सिंह ,सुभाष राजवाड़े, मार्तंड साहू, लालचंद शर्मा ,विराट प्रताप सिंह ,हेम सिंह ,शीतल पाटील, सरपंच सुखलाल, जनपद सदस्य संत लाल प्रजापति ,रमेश गुप्ता, श्यामलाल, सुख लाल यादव आनंद राम ,सगरलाल प्रजापति, राधेलाल, जग लाल राजवाड़े, जगदीश प्रसाद कैलाश गुप्ता ,टेकराम ,भैया लाल राजवाड़े, रजेलाल ,मोतीलाल ,राजकुमार दीपक राम ,पूरन राम राजवाड़े, अमृत राजवाड़े एवं सैकड़ों की संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे!

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