जशपुर

चिकित्सा व्यवस्था का निकल रहा जनाजा , बगीचा में सड़क दुर्घटना में घायल मरीज को चिकित्सा एवं एंबुलेंस के अभाव में निजी वाहन से अंबिकापुर लाते रास्ते मे हीं मौत .. सांसद गोमती साय ने स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठाए सवाल

मुकेश अग्रवाल पत्थलगांव
बुधवार को जशपुर जिले के बगीचा में दुर्घटनाग्रस्त भाजपा कार्यकर्ता की हुई मौत के बाद जिले की सियासत का पारा हाई हो गया है ।
मामला इस प्रकार है कि बुधवार को सामर बहार निवासी भाजपा कार्यकर्ता रामानुग्रह यादव सड़क दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल होने के बाद ईलाज के लिए बगीचा अस्पताल लाया गया था लेकिन भाजपा का आरोप है कि न तो उसे गाड़ी से उतारने के लिए अस्पताल में कोई कर्मचारी मौजूद था न डॉक्टर और न ही उसे बाहर ले जाने के लिए एम्बुलेंस की ही व्यवस्था थी ऐसे में उसे प्राइवेट वाहन से अंबिकापुर ले जाया जा रहा था और रास्ते मे ही उसकी मौत हो गयी । बताते है उसी वक़्त एक और मरीज की मौत हो गयी । भाजपा अब इस मामले को लेकर स्वास्थ विभाग से लेकर पूरी सरकार की खिंचाई करने में जुट गई है । भाजपा सांसद गोमती साय ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि बगीचा स्वास्थ विभाग की कुव्यवस्था के चलते 2 लोगों की जान चली गयी इससे बड़ी कुव्यवस्था और क्या हो सकती है।एक तरफ सरकार के मंत्री और विधायक एम्बुलेंस बांटने का ढिंढोरा पीट रहे है तो दूसरी ओर बगीचा जैसे बड़े ब्लॉक में एम्बुलेंस का ड्राइवर तक उपलब्ध नही है और एम्बुलेंस नही होने के चलते घायल की जान चली जाती है ।
सांसद ने कहा कि सरकार सेवा का ढिंढोरा पीटना बंद करे और बुधवार को बगीचा में जो हुआ उसमें शामिल जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल सस्पेंड करे ।उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य विभाग एक सप्ताह के भीतर जाँच करके दोषी लोगो के विरुद्ध कार्रवाई नही करती है तो आगे की कार्रवाई हम करेंगे ।
वही पत्थलगांव में विगत दिनों स्थानीय नागरिकों एवं पत्रकारों ने पत्थलगांव सिविल अस्पताल में लाखों रुपए की 10 बेड की जगह 6बेड लगाकर मामले पर लीपापोती किए जाने की शिकायत की थी जिस पर भी सांसद महोदया ने कड़ी नाराजगी जताई थी। वही अस्पताल परिसर में सुलभ शौचालय एवं मरक्यूरी रूम बनवाया गया है जो इस कोरोना काल में भी मरीजों के लिए किसी तरह का उपयोग नहीं आ रहा है। सूत्रों से पता चला है कि उक्त दोनों निर्माण कार्य की पूरी राशि विभाग द्वारा आहरित कर ली गई है लेकिन काम को आधा अधूरा छोड़ कर निर्माण एजेंसी चलते बने ।जिसकी भी शिकायत सांसद महोदया से की जा रही है ।अब देखना यह है कि पूरे जिले में चिकित्सा व्यवस्था में लापरवाही, खरीदी में भ्रष्टाचार एवं निर्माण कार्यों में घटिया निर्माण की जांच कब की जाती है एवं इन मामलों पर लगाम कब लगाई जाती है देखने वाली बात होगी???

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